New Delhi: भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (LoC) के पास, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के पुंछ और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 24 अप्रैल 2026 की रात को एक ‘ब्लैकआउट मॉक ड्रिल’ आयोजित की जाएगी. यह अभ्यास रात 8 बजे से लगभग 10-15 मिनट तक चलेगा, जिसका उद्देश्य युद्ध या आपातकालीन स्थिति के लिए सुरक्षा तैयारियों को परखना है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक नियमित अभ्यास है और नागरिकों को इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है.
कुल 10 मिनट चलेगा यह अभ्यास
यह अभ्यास गृह मंत्रालय के निर्देश पर सीमावर्ती राज्यों में नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार करने के लिए किया जा रहा है. प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार यह अभ्यास कुल 10 मिनट चलेगा. आज रात 8.00 बजे से 8.10 बजे तक इसका आयोजन होगा. पहला सायरन रात 8.00 बजे सुनाई देगा. जैसे ही पहला सायरन बजेगा, पूरे जिले में ब्लैकआउट यानी बिजली बंदद्ध कर दिया जाएगा. इस दौरान लाइट, जनरेटर, इन्वर्टर या टॉर्च का उपयोग वर्जित रहेगा.
बिजली और रोशनी पुनः बहाल
दूसरा सायरन रात 8.10 बजे सुनाई देगा. ड्रिल की समाप्ति पर दूसरा सायरन बजेगा, जिसके साथ ही बिजली और रोशनी पुनः बहाल कर दी जाएगी. इस अभ्यास के संबंध में जिला मजिस्ट्रेट (DC) पुंछ, अशोक कुमार शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उनके साथ अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADC) ताहिर मुस्तफा मलिक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शफकत हुसैन भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने सांझा रूप से जिले के निवासियों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की घबराहट की स्थिति पैदा न करें.
समय-समय पर आयोजित की जाती हैं ड्रिल
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस तरह की ड्रिल समय-समय पर आयोजित की जाती हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में प्रशासन और नागरिक दोनों तैयार रह सकें. सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले इस क्षेत्र में इस तरह के अभ्यास को बेहद महत्वपूर्ण बताया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, ड्रिल के जरिए यह देखा जाएगा कि ब्लैकआउट के दौरान आवश्यक सेवाएं किस तरह संचालित होती हैं और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया कितनी तेजी से दी जा सकती है.
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