Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ईरान से डील को लेकर सहमति बन गई है. लेकिन उसी डील पर अब ट्रंप की अपनी ही पार्टी में बगावत शुरू हो गई है. आम पब्लिक तो ट्रंप को घेर ही रही है, लेकिन वह अपनी पार्टी में आलोचनाओं से नहीं बच पाए हैं. लोग इस तरह की डील को अमेरिका की हार बता रहे हैं. हालांकि अभी डील फाइनल नहीं हुई है, और अमेरिकी अधिकारियों ने भी कहा है कि यह किसी भी वक्त टूट सकती है. यानी अभी सिर्फ एक अंतरिम MoU का ड्राफ्ट सामने है, स्थायी शांति समझौता नहीं.
लिंडसे ग्राहम ने बोला सबसे तीखा हमला
रिपब्लिकन नेता लिंडसे ग्राहम ने सबसे तीखा हमला बोला. उन्होंने X पर लिखा, ‘अगर इस क्षेत्र में यह संदेश गया कि डील ईरानी शासन को बचने और समय के साथ और ताकतवर बनने देती है, तो हमने लेबनान और इराक के संघर्षों पर पेट्रोल डाल दिया होगा.’ ग्राहम ने आगे चेतावनी दी कि अगर ईरान को यह क्षमता बनी रहने दी गई कि वह भविष्य में भी होर्मुज को कंट्रोल कर सके, तो ‘हिजबुल्लाह और इराक की शिया मिलिशिया स्टेरॉयड पर चली जाएंगी.’
खाड़ी के तेल ढांचे को तबाह करने की क्षमता
एक दूसरी पोस्ट में ग्राहम ने और बड़ा सवाल उठाया. उन्होंने लिखा, ‘अगर यह माना जा रहा है कि होर्मुज को ईरानी आतंक से सुरक्षित नहीं रखा जा सकता और ईरान अभी भी खाड़ी के तेल ढांचे को तबाह करने की क्षमता रखता है, तो यह मध्य पूर्व में ताकत का संतुलन बदल देगा और लंबे समय में इजरायल के लिए बुरा सपना साबित होगा.’ इसके बाद उन्होंने सीधा सवाल किया, ‘अगर ये सब सच है, तो फिर जंग शुरू ही क्यों हुई? यह ओबामा के समय से भी खराब है.’
पुरानी प्लेबुक जैसी डील
ट्रंप के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी डील को लेकर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा, ‘ईरान के साथ जो डील घूम रही है, वह वेंडी शेरमन-रॉब मैली-बेन रोड्स वाली पुरानी प्लेबुक जैसी लगती है. IRGC को पैसा दो ताकि वह WMD प्रोग्राम बनाए और दुनिया को आतंकित करे.’ पोम्पियो ने कहा, ‘सीधी बात है. होर्मुज खुलवाओ, ईरान को पैसा मत दो, उसकी सैन्य क्षमता इतनी खत्म करो कि वह हमारे सहयोगियों को दोबारा धमका न सके.’
ट्रंप के ईरान पर हमले की तारीफ
रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने भी इस डील पर चिंता जताई. उन्होंने लिखा, ‘मैं ईरान डील को लेकर जो बातें सुन रहा हूं, उनसे बेहद चिंतित हूं.’ क्रूज ने ट्रंप के ईरान पर हमले की तारीफ करते हुए कहा, ‘ट्रंप का ईरान पर हमला उनके दूसरे कार्यकाल का सबसे बड़ा फैसला था और हमने बेहद अच्छे सैन्य रिजल्ट हासिल किए.’ लेकिन इसके बाद उन्होंने चेतावनी दी, ‘अगर नतीजा यह होता है कि वही इस्लामिस्ट शासन बचा रहता है.
न्यूक्लियर हथियार विकसित कर सकता है ईरान
उसे अरबों डॉलर मिलते हैं, वह यूरेनियम एनरिचमेंट कर सकता है, न्यूक्लियर हथियार विकसित कर सकता है और होर्मुज पर प्रभावी कंट्रोल रखता है, तो यह भयानक गलती होगी.’ उन्होंने यह भी तंज कसा कि ‘अगर जो बाइन इस डील की तारीफ कर रहे हैं, तो यह उत्साहित करने वाली बात नहीं है.’ दूसरी तरफ डेमोक्रेट्स भी ट्रंप पर हमला कर रहे हैं, लेकिन उनका आरोप उल्टा है. चक शूमर ने कहा, ‘ऑपरेशन स्लेजहैमर? कभी कोई समझौता प्रस्ताव सामने था ही नहीं. कोई स्थायी युद्धविराम नहीं है.
इस युद्ध को रोकने के लिए साथ नहीं
ट्रंप मध्य-पूर्व में अंतहीन युद्ध छेड़ने पर आमादा हैं.’ शूमर ने कहा कि डेमोक्रेट्स तब तक वार पार रिजोल्यूशन लाते रहेंगे जब तक रिपब्लिकन भी इस युद्ध को रोकने के लिए साथ नहीं आते.वहीं सांसद एडम स्मिथ ने ट्रंप पर अमेरिकी जनता की जेब पर हमला करने का आरोप लगाया. उन्होंने X पर लिखा, ‘जब से ट्रंप ने ईरान के साथ अपनी मर्जी से यह जंग शुरू की है, तब से कीमतें 53% बढ़ गई हैं. मैंने अपने इलाके के लोगों से बात की है, और वे पेट्रोल पंप पर 50 डॉलर ज्यादा खर्च करने की हालत में नहीं हैं.’ स्मिथ ने आगे कहा, ‘अगर राष्ट्रपति को अमेरिकी लोगों की आर्थिक हालत की जरा भी परवाह होती, तो वे आज ही यह लड़ाई खत्म कर देते.’
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