Donald Trump : मिडिल ईस्ट में में छिड़ा युद्ध छठवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. बता दें कि मौजूदा हालात को देखते हुए कोई भी यह कह पाने की स्थिति में नहीं है कि जंग की आग कब ठंडी पड़ेगी. क्योंकि दोनों देशों के बीच लगातार ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि पूरी दुनिया इसकी चपेट में आ चुकी है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को धमकी देने वाले अपशब्दों से भरे सोशल मीडिया पोस्ट लेकर बवाल मचा हुआ है. जिसमें उन्होंने अल्लाह के नाम का जिक्र किया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने सुबह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर किए एक पोस्ट के जरिए ईरान को फिर समझौता करने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने की धमकी दी. इसके साथ ही उन्होंने मंगलवार रात 8 बजे तक की नई डेडलाइन भी तय कर दी और कहा कि अगर तय समय में होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला गया तो ईरान को ‘नर्क’ में धकेल दिया जाएगा. इतना ही नही बल्कि उन्होंने अपने पोस्ट को ‘अल्लाह से दुआ करो’ कहकर खत्म किया.
ट्रंप ने किया धार्मिक मान्यताओं का अपमान
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के खिलाफ ट्रंप की ओर की गई आपत्तिजनक बयानबाजी की अमेरिका से लेकर दुनियाभर के नेताओं ने आलोचना की है. बता दें कि नागरिक अधिकार ग्रुप ‘काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशन्स’ ने अल्लाह के नाम का जिक्र कर धमकी वाले पोस्ट को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की है. इसके साथ ही ‘राष्ट्रपति ट्रंप की इस्लाम का उपहास करने और ईरान में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी देना गैरजिम्मेदाराना, खतरनाक और ऐसी मानसिकता का संकेत है जो लोगों की जिंदगी के प्रति उदासीनता और धार्मिक मान्यताओं के प्रति अपमान को दिखाती हैं.’
अमेरिकी नेताओं ने की ट्रंप की आलोचना
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ईरान के खिलाफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर कई अमेरिकी नेताओं ने उनकी आलोचना की है. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि, ‘ईस्टर की सुबह राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बयान पोस्ट किया.’ ‘उनके प्रशासन में जो भी खुद को ईसाई बताता है, उसे घुटनों के बल बैठकर ईश्वर से माफी मांगनी चाहिए, राष्ट्रपति की पूजा करना बंद करना चाहिए और ट्रंप के इस पागलपन में हस्तक्षेप करना चाहिए.’
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