अमेरिका में ऐतिहासिक फैसला, अब डॉलर पर होगा डोनाल्ड ट्रंप का सिग्नेचर, टूटा 165 साल का रिकॉर्ड

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Donald Trump : अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप नया इतिहास गढ़ने जा रहे हैं. अमेरिका के165 साल के इतिहास में जो अब तक नहीं हुआ, डोनाल्ड ट्रंप अब वही करने जा रहे हैं. जी हां, अब अमेरिकी डॉलर वाले नोटों पर बहुत जल्द राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सिग्नेचर होगा. इसकी सूचना अमेरिकी ट्रेडर ने दी है, जिसके मुताबिक, अमेरिका की आजादी के 250वें साल पर डॉलर के नोटों पर ट्रंप के सिग्नेचर होंगे. साल 1861 में डॉलर के नोटों के आने के बाद से यह किसी मौजूदा प्रेसिडेंट यानी राष्ट्रपति के लिए पहली बार होगा.

ट्रंप की लीडरशिप और डेडिकेशन का प्रतीक

दरअसल, अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लिया गया यह फैसला इस साल अमेरिकी आजादी की 250वीं सालगिरह के जश्न के साथ मेल खाता है. अमेरिकी ट्रेजरर ब्रैंडन बीच ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘अमेरिका की 250वीं सालगिरह के जश्न में प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के सिग्नेचर वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ जल्द ही अमेरिकी करेंसी पर दिखेंगे. यह इतिहास में पहली बार होगा और यह हमारे महान देश के लिए डोनाल्ड ट्रंप की लीडरशिप और डेडिकेशन का प्रतीक है, जिसका लंबे समय तक असर रहेगा.’

इस महीने की शुरुआत में एक फेडरल आर्ट्स कमीशन ने अमेरिकी आजादी की 250वीं सालगिरह मनाने में मदद के लिए डोनाल्ड ट्रंप की इमेज वाले 24-कैरेट सोने के यादगार सिक्के के फाइनल डिजाइन को मंजूरी दी. गौरतलब है कि अमेरिका में यह फैसला ऐसे वक्त में हुआ है, जब ईरान संग उसका युद्ध चल रहा है. अमेरिका ने ईरान को एक बार फिर 10 दिनों की मोहलत दी है.

स्कॉट बेसेंट ने की ट्रंप की तारीफ

स्कॉट बेसेंट ने अपने एक बयान में कहा कि ‘ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लीडरशिप में हम पहले कभी नहीं हुई इकोनॉमिक ग्रोथ, डॉलर के लंबे समय तक चलने वाले दबदबे, और फिस्कल मजबूती और स्टेबिलिटी की ओर बढ़ रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि ‘हमारे महान देश और प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक उपलब्धियों को पहचानने का इससे अधिक असरदार तरीका कोई नहीं है कि उनके नाम वाले अमेरिकी डॉलर के नोट जारी किए जाएं.’

ब्रैंडन बीच ने बताया कारण

वहीं, ब्रैंडन बीच ने कहा कि अमेरिका के गोल्डन एज ​​इकोनॉमिक रिवाइवल के आर्किटेक्ट के तौर पर इतिहास पर प्रेसिडेंट ट्रंप की छाप को नकारा नहीं जा सकता. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकन करेंसी पर उनके सिग्नेचर छापना न केवल सही है, बल्कि इसके लायक भी है.
बता दें कि अगर अमरिकी डॉलर पर मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सिग्नेचर होता है तो ऐसे में अमेरिका में 165 साल पुरानी परंपरा भी टूट जाएगी. 1861 से अब तक अमेरिकी करेंसी पर ‘ट्रेजरर ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स’ के हस्ताक्षर होते थे. अब शायद इसे हटा दिया जाएगा.
Latest News

Gwalior Accident: स्कॉर्पियो ने ऑटो को मारी टक्कर, पांच श्रद्धालुओं की मौत, 4 घायल, मंदिर से लौट रहा था परिवार

Gwalior Road Accident: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शुक्रवार तड़के सुबह बड़ा हादसा हो गया. अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने ऑटो...

More Articles Like This