New Delhi: ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने ट्रंप की चुनावी हार को लेकर तंज कसा है. लूला दा सिल्वा ने कहा कि फ्लावियो बोल्सोनारो उनके लिए पनौती साबित हुए. लूला ने कहा कि फ्लावियो अमेरिका पहुंचे और ट्रंप चुनाव हार गए. हाल में हुए ब्राजील के चुनाव में फ्लावियो और लूला आमने सामने थे. चुनाव में हारने के बाद फ्लावियो ने ब्राजील छोड़ दिया और अमेरिका चले गए. ट्रंप ने भी कहा कि वह जब तक चाहें तब तक रह सकते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप का खुलकर समर्थन किया
बोल्सोनारो को डोनाल्ड ट्रंप के लिए ‘पनौती’ कहे जाने का मुख्य कारण यह है कि जेयर बोल्सोनारो ने राजनीतिक रूप से जिन भी निर्णयों या घटनाओं में डोनाल्ड ट्रंप का अंधानुकरण या खुलकर समर्थन किया, वे दोनों के लिए ही नुकसानदेह साबित हुए. डोनाल्ड ट्रंप साल 2020 में अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव हार गए. इसके ठीक बाद, उन्हीं की शैली में राजनीति करने वाले और ‘ट्रंप ऑफ द ट्रॉपिक्स’ कहे जाने वाले जेयर बोल्सोनारो भी 2022 में ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव हार गए.
अमेरिकी कैपिटल (संसद) पर हमला किया
ट्रंप के समर्थकों ने 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी कैपिटल (संसद) पर हमला किया था. ठीक इसी तरह की हूबहू घटना बोल्सोनारो के समर्थकों ने भी 8 जनवरी 2023 को ब्राजील की संसद, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति भवन पर हमला करके दोहराई. आलोचकों के अनुसार, बोल्सोनारो ने ट्रंप की हार के तौर-तरीकों की नकल की, जिससे दोनों नेताओं की लोकतांत्रिक छवि को भारी नुकसान पहुंचा.
ट्रंप की नीतियों का आंख मूंदकर समर्थन
बोल्सोनारो ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई बार ट्रंप की नीतियों का आंख मूंदकर समर्थन किया, जिससे ट्रंप के सत्ता से हटते ही बोल्सोनारो वैश्विक राजनीति में अकेले पड़ गए और अंततः उन्हें घरेलू राजनीति में भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा.
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