US-Israel-Iran War: अमेरिका के भू-राजनीतिक विशेषज्ञ और रिटायर्ड कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने ट्रंप के हालिया भाषण को निराशाजनक बताया है. उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह सख्ती जारी रही तो हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं. मैकग्रेगर ने डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ जारी रणनीति पर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने खासतौर पर ईरान के साथ बातचीत और कूटनीति की कमी पर सवाल उठाए.
कूटनीति के बजाय चुना जा रहा टकराव का रास्ता
राष्ट्रपति ट्रंप के कड़े रुख से ईरान पर भारी दबाव बढ़ गया है, लेकिन दूसरी ओर ईरान की जवाबी धमकियां इस क्षेत्र को बड़े संघर्ष की ओर ले जा रही हैं. मैकग्रेगर ने आगाह किया है कि अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो इसके परिणाम गंभीर होंगे. मैकग्रेगर ने कहा कि अमेरिका को अब कूटनीति अपनानी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय टकराव का रास्ता चुना जा रहा है.
होर्मुज़ ऊर्जा सप्लाई का सबसे अहम रास्ता
उन्होंने इसे एक खतरनाक स्थिति बताते हुए कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार कार की तरह दीवार की ओर बढ़ रही है. मैकग्रेगर ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़, जो दुनिया की ऊर्जा सप्लाई का सबसे अहम रास्ता है, वहां हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं. मैकग्रेगर के मुताबिक यहां से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में 95% तक गिरावट आई है. ईरान ने कुछ देशों के जहाजों पर रोक या टोल लगाया इससे वैश्विक तेल और गैस सप्लाई प्रभावित हो रही है.
वैश्विक आर्थिक संकट में बदल सकता है युद्ध
उन्होंने चेतावनी दी कि महंगी ऊर्जा का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा. खासकर AI और टेक कंपनियां, जिनका बिजनेस सस्ता ऊर्जा पर आधारित है. भारत, अफ्रीका और एशिया के देशों में भी चिंता बढ़ रही है. विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अमेरिका-ईरान तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो यह सिर्फ युद्ध नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक संकट में बदल सकता है. समाधान के लिए बातचीत और सहयोग ही एकमात्र रास्ता माना जा रहा है.
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