अफगानिस्तान शरणार्थियों पर पाकिस्तान का एक्शन जारी, अफगान पत्रकार गिरफ्तार

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Afghan refugees: पाकिस्तान में इन दिनों अफगानिस्तानी शरणार्थियों पर चल रही कार्रवाई के दौरान पाकिस्तानी पुलिस ने अफगानिस्तान के पत्रकार परवेज अमीनजादा को इस्लामाबाद में गिरफ्तार कर लिया है. इस बात की जानकारी गुरुवार को स्थानीय मीडिया द्वारा दी गई.

दरअसल, अफगानिस्तान की प्रमुख समाचार एजेंसी खामा प्रेस के मुताबिक, अमीनजादा को बुधवार शाम 6:45 बजे इस्लामाबाद के फैसल टाउन इलाके से गिरफ्तार किया गया. हालांकि अभी तक उनकी गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है.

मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी कार्यवाही पर जताई चिंता 

बता दें कि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों की गिरफ्तारी और उन्हें देश से निकालने की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं. इनमें पत्रकार भी शामिल हैं. दरअसल इस कार्यवाही को अवैध प्रवासियों के खिलाफ शुरू किए गए अभियान का हिस्सा बताई जा रही है, जिस पर मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है.

वापस भेजे जा चुके 34 लाख से अधिक अफगान प्रवासी

हाल ही में अफगानिस्तान मीडिया सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (AMSO) ने कहा था कि पाकिस्तान में रह रहे अफगान शरणार्थियों को मनमानी गिरफ्तारियों, बदसलूकी, जबरन पैसे वसूलने और जबरन देश निकाले की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है. एएमएसओ ने बताया कि 2023 से अब तक पाकिस्तान और ईरान से 34 लाख से ज्यादा अफगान प्रवासियों को वापस भेजा जा चुका है.

गिरफ्तारी से बचने के लिए देने पड़े पैसे

खामा प्रेस के मुताबिक, यह कार्रवाई बिना दस्तावेज वाले विदेशियों के खिलाफ बढ़ती सख्ती के बीच हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में शामिल 68.3 प्रतिशत अफगानों ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार किया गया या जेल में रखा गया. वहीं, हिरासत में लिए गए 96.4 प्रतिशत लोगों ने बताया कि गिरफ्तारी या हिरासत के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 85.7 प्रतिशत लोगों को गिरफ्तारी से बचने या रिहा होने के लिए पैसे भी देने पड़े.

इसके अलावा, 75.6 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्हें धमकियां दी गईं, बेइज्जत किया गया और मानसिक रूप से भी परेशान किया गया. वहीं, 72.4 प्रतिशत लोगों को बिना किसी कानूनी सुनवाई के 48 घंटे से ज्यादा समय तक हिरासत में रखा गया.

वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन अगेंस्ट टॉर्चर के साथ मिलकर तैयार की गई रिपोर्ट 

एएमएसओ ने कहा कि पाकिस्तान से निकाले गए किसी भी व्यक्ति का पहले व्यक्तिगत जोखिम आकलन नहीं किया गया. उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन अगेंस्ट टॉर्चर के साथ मिलकर तैयार की गई थी और इसे संयुक्त राष्ट्र की कमेटी अगेंस्ट टॉर्चर के सामने पेश किया गया. यह रिपोर्ट 41 अफगान नागरिकों पर किए गए सर्वे, छह विस्तृत इंटरव्यू और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचससीआर), इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम), एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान जैसी संस्थाओं के दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई है।

 

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