Khawaja Asif Statement: भारत की ओर से ‘मानसिक तौर पर अस्थिर’ बताए जाने के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ बौखला गये. उन्होंने रविवार को कहा कि भारत की ओर से उन पर किए जा रहे निजी हमलों से न तो नई दिल्ली के सामने मौजूद समस्याओं का समाधान होगा और न ही देश-विदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘गिरती’ साख बहाल होगी. ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर से झूठ बोलते हुए भारत को हराने की बात कही है.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में भारत पर ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘उन पर हमले मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि और भारतीय प्रधानमंत्री को मिले विदेशी सम्मानों की विश्वसनीयता से जुड़े सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश है.’ इस दौरान ख्वाजा आसिफ ने भारतीय नेता राहुल गांधी का जिक्र किया है जिन्होंने पीएम मोदी को अवार्ड मिलने की आलोचना की थी.
भारत की प्रतिक्रिया से भड़के ख्वाजा आसिफ
ख्वाजा आसिफ ने ब्रिटिश अखबार ‘द गार्डियन’ की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों ने मोदी को मिले कुछ पुरस्कारों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने लिखा कि ‘मेरे पीछे पड़ने से समस्या हल नहीं होगी. मुझे मानसिक रूप से अस्थिर कहने से मोदी की देश-विदेश में दयनीय रूप से गिरती साख में स्थिरता नहीं आएगी खासकर पिछले साल पाकिस्तान से मिली हार के बाद.’
उन्होंने आगे लिखा कि ‘राहुल गांधी भी मोदी को मिले पुरस्कारों के बारे में वही बात कह रहे हैं कि वे AI-जनरेटेड हैं या वैश्विक राजनेता की छवि पेश करने के लिए खुद से मैनेज किए गए हैं. इसने वास्तव में एक वैश्विक धोखेबाज के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को बढ़ाया है. यहां तक कि एक प्रतिष्ठित अखबार ‘द गार्डियन’ ने भी इसी मुद्दे को उठाया और उन पुरस्कारों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए.’ उन्होंने कहा कि विदेशों से नकली सम्मान हासिल करने के मोदी के हताश प्रयास उस साख को स्थिर करने की कोशिश हैं जो ‘देश में दयनीय रूप से अस्थिर’ है.
मोदी को मिलने वाले अवार्ड को पचा नहीं पा रहा पाकिस्तान
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के देशों से मिलने वाले सर्वोच्च सम्मान को पाकिस्तानी नेता पचा नहीं पा रहे हैं. ऐसे में पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मोदी पर अंतरराष्ट्रीय सम्मान को सोच-समझकर किए गए जनसंपर्क अभियान में बदलने का आरोप लगाया था. जबकि पीएम मोदी को साल 2016 से अब तक दुनिया के 34 विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से सर्वोच्च नागरिक और राजकीय सम्मान मिल चुके हैं. वे इतिहास में सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय सम्मान पाने वाले भारतीय नेता हैं.
बता दें कि पीएम मोदी को नॉर्वे, स्वीडन, इजरायल, रूस (ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द अपोस्टल-रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान), फ्रांस (सर्वोच्च नागरिक और सैन्य सम्मान), अमेरिका (लीजन ऑफ मेरिट-चीफ कमांडर डिग्री), कुवैत, मिस्र, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मालदीव, फिलीस्तीन और अफगानिस्तान जैसे देशों से सर्वोच्च सम्मान मिल चुका है.