जापान के तटीय इलाकों में 7.6 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का अलर्ट जारी

Japan: जापान के उत्तरी तट पर सोमवार की देर रात भयानक भूकंप ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया. जिसमें 23 लोग घायल हो गए. रिक्टर पैमाने पर 7.6 तीव्रता के भयानक झटकों के बाद सोशल मीडिया पर हिलती हुई बिल्डिंग्स के कई वीडियोज सामने आए हैं. इसके तुरंत बाद जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने 10 फीट वाले हैवान की चेतावनी दे दी है.

कौन से इलाकों से भाग रहे लोग?

जापान में रात करीब 11:15 बजे आए इस भूकंप का केंद्र आओमोरी (Aomori) और होक्काइडो (Hokkaido) के तटीय क्षेत्र से लगभग 50 किलोमीटर की गहराई पर था. जिसके बाद सुनामी के आसार दिखाई दे रहे हैं. तटीय क्षेत्रों में लोगों को सुनामी से आगाह कर दिया गया है. आओमोरी द्वीप के उराकावा शहर में लोगों को तुरंत तट छोड़ने का आदेश दिया गया. मुत्सु ओगावारा पोर्ट और घनी आबादी वाले हाचिनोहे शहर के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया. इसके अलावा हाचिनोहे में एक होटल में लोगों के घायल होने की भी खबर मिली है. ये अलर्ट मिलने के बाद इन इलाकों में लोग घर और होटल छोड़कर भाग रहे हैं.

सुनामी का खतरा और प्रशासन की तैयारी

भूकंप की तीव्रता को देखते हुए अधिकारियों ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. सुनामी की चेतावनी जारी होने के बाद आपातकालीन सेवाएं अलर्ट मोड पर हैं. हालांकि, अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में किसी समस्या की तत्काल कोई खबर नहीं मिली है. प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है.

जापान मौसम एजेंसी ने कही ये बात

स्थानीय नागरिक, सुविधा स्टोर के मालिक नोबुओ यामादा ने बताया, “मैंने पहले कभी इतने बड़े भूकंप का अनुभव नहीं किया, सौभाग्य से हमारे क्षेत्र में बिजली की लाइनें अभी भी चालू थीं.”  वहीं, जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा कि आओमोरी के दक्षिण में इवाते प्रान्त के कुजी बंदरगाह में 70 सेंटीमीटर (2 फीट, 4 इंच) तक की सुनामी मापी गई और क्षेत्र के अन्य तटीय समुदायों में 50 सेंटीमीटर तक की सुनामी आई.

क्यों आते हैं भूकंप?

दरअसल, हमारी धरती के नीचे कुल 7 टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं. जानकारी के अनुसार, ये 7 टेक्टोनिक प्लेट्स अपने-अपने क्षेत्र में घूमते रहते हैं. हालांकि, घूमने के दौरान कई बार ये टेक्टोनिक प्लेटें एक प्लेटें फॉल्ट लाइन पर टकराती हैं. अब इनके टकराने के कारण घर्षण पैदा होता जिससे ऊर्जा निकलती है. ये ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता खोजती हैं. इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती रहती हैं.

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