US में रामायण पर लगी विशेष प्रदर्शनी! मैरीलैंड के प्रतिनिधियों ने बताया-‘जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक’

Washington: अमेरिका के मैरीलैंड स्टेट असेंबली बिल्डिंग के एनापोलिस परिसर में एशिया और उससे आगे रामायण के प्रसार पर आधारित एक दिवसीय प्रदर्शनी लगी. प्रदर्शनी में लगभग 11 देशों के प्रतिनिधित्व शामिल थे, जो इस व्यापक सच्चाई को दर्शाते हैं कि रामायण 16 से ज्यादा देशों में किसी न किसी रूप में मनाई और मानी जाती है. इससे पहले यह प्रदर्शनी अमेरिकी कैपिटल और ओहियो स्टेट कैपिटल में लग चुकी थी.

मैरीलैंड के कई प्रतिनिधियों ने रखे अपने विचार

एनापोलिस परिसर में बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचे. कार्यक्रम में स्टेट लॉ मेकर, राजनयिक और समाज के कई प्रमुख लोग शामिल हुए. कार्यक्रम में मैरीलैंड के कई प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे. प्रतिनिधि वू चाओ ने कहा कि यह प्रदर्शनी दिखाती है कि संस्कृति कैसे अलग-अलग देशों और पृष्ठभूमियों के लोगों को जोड़ती है. ऐसी सांस्कृतिक पहल लोगों के बीच समझ बढ़ाती है और राजनीति में दिखने वाले मतभेदों को कम करने का काम करती है.

जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है रामायण

प्रतिनिधि हैरी भंडारी ने रामायण की नैतिक शिक्षाओं पर बात करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है. प्रतिनिधि माइक रोजर सेना में रह चुके हैं और एशिया के कई देशों की यात्रा कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी ने उनके अनुभवों की याद दिला दी. नेपाल दूतावास की अरुणा घिसिंग ने कहा कि इस प्रदर्शनी ने उन्हें बचपन की यादें ताजा करा दीं, जब वे रामायण के धारावाहिक देखा करती थीं.

गुयाना जैसे दूर देशों से भी है रामायण का संबंध

उन्होंने बताया कि यह जानकर उन्हें आश्चर्य हुआ कि रामायण का संबंध गुयाना जैसे दूर देशों से भी है. आयोजकों ने कहा कि प्रदर्शनी जानबूझकर राज्य विधायिका के अंदर रखी गई थी ताकि नीति-निर्माता और कर्मचारी रामायण की व्यापक एशियाई सभ्यतागत पृष्ठभूमि को समझ सकें. हिंदूएक्शन से जुड़े उत्सव चक्रवर्ती ने बताया कि मैरीलैंड में बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग रहते हैं, साथ ही थाई, वियतनामी, कंबोडियाई और फिलिपीन समुदाय भी यहां बड़ी संख्या में हैं. इस प्रदर्शनी को मैरीलैंड लाने में डॉक्टर विद्या सत्यामूर्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

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