Bihar: बिहार में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने जाली मुद्रा के बड़े नेटवर्क को पकडा है. रक्सौल और मेजरगंज बॉर्डर पर छापेमारी कर कुल 25 लाख नेपाली और 18,500 भारतीय जाली नोट बरामद किए गए हैं. इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 4 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं. रक्सौल पुलिस उपाधीक्षक मनीष आनंद के मुताबिक हरैया पुलिस को सूचना मिली थी कि दो बाइक सवार जाली नोट लेकर रक्सौल में आ रहे हैं. दोनों को पकड़े जाने पर उनके पास से 18,500 भारतीय जाली नोट बरामद हुए.
25 लाख नेपाली जाली नोट, 12 मोबाइल फोन जब्त
उनके निशानदेही पर सीतामढ़ी के मेजरगंज में छापेमारी की गई, जहां से 25 लाख नेपाली जाली नोट, 12 मोबाइल फोन, नोट छापने के रसायन और इस्तेमाल होने वाला कागज जब्त किया गया. सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड गंभीर हैं. पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने मौके से तीन बाइक और एक पटना नंबर की कार भी जब्त की है. SSB और स्थानीय पुलिस अब अन्य संभावित सप्लायर और डिलीवरी पॉइंट की पहचान कर जांच को आगे बढ़ा रही हैं. इस बड़े खुलासे के बाद सीमांचल क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सीमा सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि
-नेपाल के बागमती प्रदेश निवासी 30 वर्षीय तिलक बहादुर थिंग
-नेपाल के जिला बारा निवासी 31 वर्षीय सरोज कुमार और साजन कुमार
-नेपाल के जिला सिरहा निवासी श्रीदेव महतो
-बिहार के मधुबनी जिला, जयनगर थाना निवासी दिलीप कुमार सिंह
-सीतामढ़ी, मेजरगंज थाना निवासी रौशन कुमार, राकेश सिंह, साहेब कुमार, विकास कुमार पटेल और मो. असलम
राकेश सिंह हाल ही में 16 साल की जेल की सजा पूरी कर के बाहर आए हैं और उन पर STF पर गोली चलाने जैसे संगीन मामले दर्ज हैं. वहीं, मो. असलम के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट और जाली नोट से जुड़े मामले दर्ज हैं.
इसे भी पढ़ें. CM योगी ने बजट पर की प्रेस कॉन्फ्रेंस, PM मोदी को धन्यवाद दिया, बताया UP को क्या-क्या मिला?