Bakı: भारत ने अजरबैजान में आयोजित पहले फीफा अंडर-15 फुटबॉल वर्ल्ड कप की शानदार शुरुआत की है. शनिवार को बाकू के होवसन कॉम्पिटिशन कॉम्प्लेक्स में खेले गए ग्रुप (K) के अपने पहले मैच में भारत ने लाओस को 4-2 से हराया. भारत का अगला मुकाबला रविवार को कैमरून से होगा और उसी दिन बाद में वह ग्रेनाडा का सामना करेंगे. भारत के कप्तान मैकडोनिश न्गैरांगबाम (7वें मिनट) और आर. लालरेमरुआतफेला (11वें मिनट) ने टीम के लिए शुरुआती दो गोल दागते हुए बढ़त दिलाई. इसके बाद लाओस के अनाविं जाप्यासोने ने 12वें मिनट में एक गोल करके अंतर को कम करने का प्रयास किया.
भारत ने जोरदार वापसी की
हाफ-टाइम के तुरंत बाद दक्षिण-पूर्वी एशियाई टीम के लिए सौक्सवान सिलिसेंग (24वें मिनट) ने गोल करके स्कोर बराबर कर दिया. हालांकि, भारत ने जोरदार वापसी की. लालरेमरुआतफेला (31वें मिनट) और सौमोजित सरकार (33वें मिनट) ने लंबी दूरी से गोल करके भारत की जीत पक्की कर दी. इस जीत के साथ भारत ने फीफा टूर्नामेंट में अपने पहले तीन अंक हासिल कर लिए हैं. इस टूर्नामेंट में 189 राष्ट्रीय टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 32 समूहों में बांटा गया है. इसमें मैच आठ-खिलाड़ियों के फॉर्मेट में खेले जा रहे हैं.
भारतीय टीम ने मुकाबले की शानदार शुरुआत की
हर मैच में 20-20 मिनट के दो हाफ होते हैं और इसमें ‘रोलिंग सब्स्टिट्यूशन’ (खिलाड़ियों को बार-बार बदलने) की अनुमति है. भारतीय टीम ने मुकाबले की शानदार शुरुआत की और पहले चार मिनट में ही दो मौके बनाए. तीसरे मिनट में दीपक सिंह अरामबम ने बॉक्स के अंदर से बाएं पैर से एक जोरदार शॉट मारा, जिसे लाओस के गोलकीपर अनौसिथ सौक्सवान ने रोक दिया. इसके एक मिनट बाद गोलकीपर ने आगे बढ़कर मैकडोनिश के प्रयास को भी नाकाम कर दिया. सातवें मिनट में दीपक ने बेहतरीन फुटवर्क दिखाया और गेंद को स्मॉल बॉक्स. के अंदर ले गए.
भारत का दबाव काम आया
वहां से उन्होंने गेंद को पीछे की तरफ पास किया, जिसे मैकडोनिश ने आसानी से गोल में बदल दिया. भारत का दबाव काम आया और 11वें मिनट में टीम ने अपनी बढ़त को दोगुना कर दिया. लाओस के खिलाड़ियों द्वारा गेंद को क्लियर करने की कोशिश को दीपक ने रोक दिया. गेंद आर. लालरेमरुआतफेला के पास पहुंची, जिन्होंने एक टच लेने के बाद अपने बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाकर गोल कर दिया. लाओस ने लगभग तुरंत ही जवाब दिया और 12वें मिनट में अनाविं जाप्यासोने के गोल की मदद से अंतर कम कर दिया.
किसी भी टीम को कोई स्पष्ट मौका नहीं मिला
उनके द्वारा दूर से लगाए गए शॉट को देखकर भारतीय गोलकीपर जेनित निंगथौजाम अपनी जगह पर ही जमे रह गए. शुरुआत में हुए कई गोलों के बाद खेल की गति धीमी हो गई और हाफ-टाइम से पहले के पांच मिनटों में किसी भी टीम को कोई स्पष्ट मौका नहीं मिला. हाफ-टाइम के बाद भारत ने फिर से दबाव बनाया. 21वें मिनट में एक कॉर्नर किक पर मैकडोनिश का हेडर गोल पोस्ट के बिल्कुल करीब से बाहर निकल गया. हालांकि, तीन मिनट बाद ही लाओस ने बराबरी कर ली, जब सौक्सवान सिलिसेंग ने बॉक्स के बाहर से सीधे शॉट लगाकर गेंद को गोल के निचले कोने में पहुंचा दिया.
भारतीय युवा टीम ने बाकी बचे मैच को बखूबी संभाला
इस बराबरी के बाद भारत ने अपनी आक्रामकता बढ़ाई और खेल का ज्यादातर हिस्सा लाओस के हाफ में खेला गया. 31वें मिनट में भारत ने फिर से बढ़त बना ली. आर. लालरेमरुआतफेला ने सौमोजित सरकार से मिले पास लिया और बॉक्स के बाहर से बाएं पैर से शॉट लगाकर गेंद को गोल पोस्ट के दूर वाले कोने में पहुंचा दिया, जिससे स्कोर 3-2 हो गया. 33वें मिनट में भारत ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया, जब सरकार ने हाफ-वे लाइन के ठीक अंदर से शॉट मारा. गेंद गोलकीपर के ऊपर से होती हुई सीधे नेट में चली गई. भारतीय युवा टीम ने बाकी बचे मैच को बखूबी संभाला, अपनी दो गोल की बढ़त को बरकरार रखा और पूरे तीन अंक हासिल किए.
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