FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सह-मेजबान अमेरिका ने धमाकेदार जीत के साथ टूर्नामेंट का आगाज किया है. एकतरफा मुकाबले में अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी का मजबूत संदेश दिया. इस तरह अमेरिका ने अपनी घरेलू धरती पर 32 सालों में पहली बार खेले जा रहे फुटबाल विश्व कप में पराग्वे पर जीत के साथ अपने अभियान की शानदार शुरुआत की. अमेरिका की विश्व कप में यह सबसे बड़ी जीत है.
तीन से अधिक गोल नहीं किए थे
इससे पहले उसने इस टूर्नामेंट में कभी तीन से अधिक गोल नहीं किए थे. यही नहीं अमेरिकी टीम ने पहले हाफ में तीन गोल दागे जो विश्व कप में उसका रिकॉर्ड है. अमेरिका की ओर से फोलारिन बालोगुन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल किए. अमेरिका की टीम पूरे मैच में हावी नजर आई और पराग्वे को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया. मुकाबले के सातवें मिनट में ही डैमियन बोबाडिला ने ओन-गोल दागकर अमेरिका ने 1-0 को आगे कर दिया.
अमेरिका की बढ़त को दोगुना कर दिया
मैच के 31वें मिनट में फोलारिन बालोगुन ने अमेरिका की बढ़त को दोगुना कर दिया. फोलारिन की शानदार स्किल्स के सामने पराग्वे का डिफेंस पूरी तरह से बेबस दिखाई दिया. पहले हाफ के इंजरी टाइम में फोलारिन का एक बार फिर दमदार खेल देखने को मिला और उन्होंने अमेरिका को मुकाबले में 3-0 से आगे कर दिया. दूसरे हाफ में पराग्वे ने आक्रामक खेल दिखाया और वापसी करने का प्रयास किया. टीम को मैच के 73वें मिनट में सफलता हाथ लगी.
पराग्वे के लिए मैच में पहला गोल दागा
पराग्वे के सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मॉरीसियो ने पराग्वे के लिए मैच में पहला गोल दागा. इसके बाद अमेरिका ने अपने खेल में आक्रामता बढ़ाई और पराग्वे के डिफेंस पर लगातार दबाव डाला. निर्धारित 90 मिनट के बाद स्टॉपेज टाइम में गियोवानी रेयना ने अमेरिका की बढ़त को 4-1 कर दिया. उन्होंने मैच की आखिरी सीटी बजने से ठीक पहले पराग्वे के डिफेंस को एक बार फिर भेदा और अमेरिका की दमदार जीत पर मुहर लगा दी. फोलारिन बालोगुन 1930 के बाद फीफा वर्ल्ड कप में दो गोल करने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी बने.
बोस्निया- हर्जेगोविना के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला
कनाडा ने पहले मैच में शानदार वापसी करते हुए बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला. टोरंटो स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में कनाडा को आखिरी समय में सब्स्टीट्यूट स्ट्राइकर साइल लारिन ने गोल कर हार से बचाया. इस नतीजे के साथ कनाडा ने वर्ल्ड कप इतिहास में अपना पहला पॉइंट हासिल किया. यह टीम का तीसरा फीफा विश्व कप है. अभी तक खेले सभी 6 मैचों में उसे हार मिली थी.
21वें मिनट में कॉर्नर किक पर सीड
मैच की शुरुआत बोस्निया और हर्जेगोविना ने काफी आक्रामक अंदाज में की. 21वें मिनट में कॉर्नर किक पर सीड कोलासिनाक ने गेंद को आगे बढ़ाया, जिस पर जोवो लुकिक ने शानदार हेडर लगाकर बोस्निया टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी. दूसरे हाफ में कनाडा ने खेल की रफ्तार बढ़ा दी. टीम लगातार बराबरी की तलाश में हमले करती रही. ओलुवासेयी ने हेडर से लगभग बराबरी कर ली थी, लेकिन डिफेंडर निकोला कैटिक ने उसे रोक दिया. वहीं, रिची लारिया के एक संभावित गोल को कोलासिनाक ने गोललाइन से क्लियर करके अपनी टीम को बढ़त बनाए रखने में मदद की.
सिर्फ दो मिनट बाद ही गोल दाग दिया
दूसरी ओर बोस्निया ने भी लगातार आक्रामक खेल जारी रखा. कनाडा के गोलकीपर मैक्सिम क्रेप्यू ने एर्मेडिन डेमिरोविच के खतरनाक प्रयास को रोककर अपनी टीम को मैच में बनाए रखा. जब ऐसा लग रहा था कि बोस्निया यह मुकाबला जीत जाएगा, तभी कनाडा के कोच जेसी मार्श ने ऐसा दांव खेला, जो एकदम फिट बैठ गया. 76वें मिनट में मैदान पर आए साइल लारिन ने सिर्फ दो मिनट बाद ही गोल दाग दिया. प्रोमिस डेविड के शानदार पास पर लारिन ने बॉक्स के अंदर गेंद को नियंत्रित किया और उसे गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया. दोनों टीमों ने इसके बाद गोल करने के कई प्रयास किए, लेकिन किसी को भी सफलता हाथ नहीं लगी.
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