Floating Island: ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत की विलिस्टन रिज़र्वायर झील में कुछ हफ्ते पहले पेड़ों से ढका एक विशाल तैरता हुआ टापू दिखाई दिया था, जो अचानक वह अपनी जगह से गायब हो गया, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वहीं, अब अधिकारियों ने दावा किया है कि वह फिर से मिल गया है, लेकिन उसकी कहानी अब भी रहस्य से भरी हुई है.
जब टापू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो ब्रिटिश कोलंबिया हाइड्रो (BC Hydro) के प्रवक्ता बॉब गैमर को शुरुआत में लगा कि शायद यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बना कोई फर्जी वीडियो है.लेकिन 21 जुलाई की सैटेलाइट तस्वीरों ने साबित कर दिया कि टापू बिल्कुल असली था.
पेड़ों से ढका जमीन का एक बड़ा हिस्सा
आखिर कहां मिला?
अब ब्रिटिश कोलंबिया हाइड्रो (BC Hydro) का कहना है कि टापू गायब नहीं हुआ था, बल्कि पानी के साथ बहता हुआ अपनी पुरानी जगह से करीब 30 किलोमीटर दूर पहुंच गया था. नई सैटेलाइट तस्वीरों और इलाके के ऊपर उड़ान भर रहे पायलटों की जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने उसकी नई लोकेशन की पहचान की है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, टापू का रहस्य पूरी तरह नहीं सुलझा, लेकिन कम से कम यह पता चल गया कि वह कहां गया था.
कितना बड़ा है यह टापू?
BC Hydro के अनुमान के मुताबिक, इस तैरते हुए टापू का क्षेत्रफल करीब 9,800 वर्ग मीटर है. आसान भाषा में कहें तो यह लगभग एक कनाडाई फुटबॉल मैदान या डेढ़ अमेरिकी फुटबॉल मैदान जितना बड़ा है. यही वजह है कि इसे देखकर लोग हैरान रह गए थे. पानी में कोई छोटा सा लकड़ी का ढेर नहीं, बल्कि पेड़ों से भरा पूरा टापू तैरता दिखाई दे रहा था.
सबसे बड़ा सवाल… टापू बना कैसे?
रहस्य सिर्फ इसके गायब होने का नहीं है. असली सवाल यह है कि यह बना कैसे? एक्सपर्ट्स का मानना है कि कई वर्षों तक बहकर आने वाली लकड़ियां एक जगह जमा होती रहीं. धीरे-धीरे उन पर मिट्टी, घास और दूसरे पौधे उग आए. बाद में पेड़ों ने भी जड़ें जमा लीं.गर्मियों में जब झील का जलस्तर बढ़ा तो संभव है कि यह हिस्सा किनारे से टूटकर अलग हो गया और पानी में तैरने लगा. हालांकि फिलहाल यह सिर्फ एक मजबूत संभावना है. इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है.

