ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल हुआ इजराइल, UN की भूमिका पर उठे सवाल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने बोला हमला

Must Read

Washington: इजराइल अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल हो गया है. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के इस पहल को अपना समर्थन दे दिया है. नेतन्याहू ने बुधवार को घोषणा की कि उन्होंने ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए सहमति दे दी है. गाजा युद्ध के बाद के दौर और वैश्विक संघर्षों के समाधान को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया अध्याय खुलता दिख रहा है.

संरचना इजराइली हितों के अनुरूप नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को लेकर जहां संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं अब इजराइल ने भी इस पहल को समर्थन दे दिया है. नेतन्याहू के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि इजराइल इस मंच के साथ सहयोग करेगा. हालांकि इससे पहले इजराइल ने बोर्ड के गाजा से जुड़े कार्यकारी ढांचे को लेकर आपत्तियां जताई थीं और कहा था कि उसकी संरचना इजराइली हितों के अनुरूप नहीं है.

संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला

दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है. अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर आयोजित लगभग 105 मिनट की लंबी प्रेसवार्ता में ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र कभी भी अपनी पूरी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर पाया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि संयुक्त राष्ट्र प्रभावी भूमिका निभाता तो गाजा के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती.

आठ बड़े संघर्षों को सुलझाया

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ‘बोर्ड ऑफ पीस’ भविष्य में संयुक्त राष्ट्र का स्थान ले सकता है तो उन्होंने कहा कि यह संभव है. संयुक्त राष्ट्र बहुत मददगार साबित नहीं हुआ है. ट्रंप ने दावा किया कि अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में उन्होंने आठ बड़े संघर्षों को सुलझाया, जिनमें भारत-पाकिस्तान, कोसोवो-सर्बिया और कांगो-रवांडा जैसे टकराव शामिल हैं, जबकि इन मामलों में संयुक्त राष्ट्र की कोई भूमिका नहीं रही.

इसे भी पढ़ें. त्रिपुरा, मेघालय और मणिपुर का राज्य स्थापना दिवस, PM मोदी ने भेजे शुभकामना संदेश

Latest News

IDFC First Bank Fraud Case: चंडीगढ़ शाखा घोटाले में 645 करोड़ का भुगतान, जांच जारी

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने चंडीगढ़ शाखा से जुड़े धोखाधड़ी मामले में 645 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है. बैंक ने कहा कि जांच के दौरान अब तक कोई नया मामला सामने नहीं आया है.

More Articles Like This