जानवरों को काटकर लोगों में मांस वितरित करेगी इस देश की सरकार, जानिए क्यों लिया फैसला

Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Namibia drought: अफ्रीकी देश के नामीबिया में लोग सूखे के कारण मरने को विवश है. खाने के लिए लोगों के पास अब कुछ नहीं बचा है. यह वजह है कि यहां पर सरकार ने जानवरों को काटने का फैसला लिया है. दरअसल, अफ्रीकी देश (African Countries) के देश नामीबिया में लोगों को जिंदा रखने के लिए जंगली जानवरों को काटा जा रहा है, जिससे लोगों की भूख मिटाई जा सके.

दरअसल, नामीबिया इन दिनों भीषण सूखे की चपेट में है. देश इस समय इतिहास के सबसे बड़े महामारी से गुज रहा है. इस कारण लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं. देश के नागरिकों के पास दो वक्त की रोटी भी नहीं है, जिससे वह अपना पेट भर सके. लोग भूख से तड़प रहे हैं. प्यास के कारण लोगों की जान जा रही है. सरकार को भी कुछ समझ नहीं आ रहा है. अनाज के गोदाम खाली पड़े है, कहीं से भी बचाव का कोई आस नहीं समझ आ रहा है. लोगों की जान बचाने के लिए सरकार अब जानवरों को मार रही है.

जानवरों को काटने की तैयारी

नामीबियाई सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए आदेश दिया है कि हाथियों और दरियाई घोड़ों के साथ 700 से अधिक जंगली जानवरों को मार कर लोगों के लिए मांस की व्यवस्था करे, जिससे नागरिकों का पेट भरा जा सके. देश की सरकार का कहना है कि वह इन जानवरों से मिले मांस को लोगों में वितरित करेगी. इसका मुख्य कारण है नामीबिया में खाद्यान संकट.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दक्षिणी अफ्रीका का अधिकांश हिस्सा सूखे से प्रभावित हो रहा है. जून में संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा कि पूरे क्षेत्र में 30 मिलियन से अधिक लोग प्रभावित हैं.

इन जानवरों को मारने की तैयारी

नामीबियाई सरकार के आदेश के अनुसार देश में 300 ज़ेबरा, 30 दरियाई घोड़े, 50 इम्पाला, 60 भैंस, 100 ब्लू वाइल्डबीस्ट और 100 एलैंड (एक प्रकार का मृग) को मारा जाएगा. जिसके मांस को लोगों में वितरित किया जाएगा. पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र को एक प्रवक्ता ने बताया कि नामीबिया के 84 प्रतिशत खाद्य संसाधन पहले ही खत्म हो चुके हैं.

पहले भी सरकार बांट चुकी मांस

नामीबिया के पर्यावरण, वानिकी और पर्यटन मंत्रालय ने पिछले दिनों कहा कि ये जानवर राष्ट्रीय उद्यानों और उन सामुदायिक क्षेत्रों से आएंगे, जहां इनकी संख्या पर्याप्त है. कुछ शिकारियों की मदद से इन जानवरों को मारा जाएगा. इसके लिए कुछ कंपनियों को ठेका भी दिया गया है. अब तक 157 जानवरों का श‍िकार क‍िया जा चुका है. इनसे 56,800 किलो से अधिक मांस सरकार को मिला है, जिसको लोगों में बांटा गया है.

सूखे से जूझ रहा नामीबिया

दक्षिणी अफ़्रीका के कई देशोंं में एक नामीबिया भी है. जो इस समय अलनीनो के कारण विनाशकारी सूखे की चपेट में है. एक प्राकृतिक जलवायु पैटर्न जिसके कारण इस क्षेत्र में बारिश में तेजी से कमी आई है. यही वजह है कि इस समय यह देश सूखे की भीषण चपेट में है. बारिश की कमी और भीषण गर्मी के कारण इस क्षेत्र में फसलें सूख गई है और लोगों को खाना भी नहीं मिल रहा है.

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