New Delhi: दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून गुरुवार को अमेरिका के लिए रवाना हो गए. ह्यून वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ बातचीत करेंगे. उनकी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 350 अरब डॉलर के निवेश पैकेज, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौवहन सुरक्षा और उत्तर कोरिया के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है. दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के अनुसार, चो ह्यून शुक्रवार को रूबियो के साथ मंत्रिस्तरीय बैठक करेंगे.
नौवहन की स्वतंत्रता को प्राथमिकता
चो ह्यून ने वाशिंगटन रवाना होने से पहले कहा कि होर्मुज से जुड़े मुद्दे पर दक्षिण कोरिया अपने नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता को प्राथमिकता देगा. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ बातचीत की जाएगी. यह दोनों नेताओं के बीच सितंबर में दूसरी आमने-सामने की बैठक होगी. इससे पहले दोनों की मुलाकात 1 सितंबर को अमेरिका में हुई थी.
सुरक्षा को लेकर सहयोगियों से समर्थन
दोनों विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका ईरान युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की सुरक्षा को लेकर सहयोगियों से समर्थन मांग रहा है. दक्षिण कोरिया ने अभी तक होर्मुज में किसी सैन्य अभियान में शामिल होने का फैसला नहीं किया है. होर्मुज स्ट्रेट जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है. वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है.
आर्थिक और सुरक्षा दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण
क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने के बाद इसके जरिए जहाजों की आवाजाही को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी है. दक्षिण कोरिया के लिए होर्मुज का मुद्दा आर्थिक और सुरक्षा दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है. देश ऊर्जा आयात पर काफी निर्भर है और मध्य पूर्व से होने वाली तेल आपूर्ति में समुद्री मार्गों की महत्वपूर्ण भूमिका है. ऐसे में सोल के लिए होर्मुज में स्थिरता और नौवहन की सुरक्षा सीधे तौर पर उसके आर्थिक हितों से जुड़ी है.
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