Imran Khan Release March: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का लॉन्ग मार्च लगातार आगे बढ़ता जा रहा है. शुक्रवार की देर रात तक उनका काफिला पेशावर में था, जो इस्लामाबाद की तरफ तेजी से बढ़ रहा है और अगले पड़ाव के तौर पर चरसद्दा का कार्यक्रम है. ऐसे में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि मार्च के दबाव में इमरान खान को कोई राहत नहीं दी जाएगी. जबकि PTI इस मार्च को अपनी राजनीतिक और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई बता रही है. वहीं, सरकार ने पार्टी पर आतंकवादियों के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं.
एक ओर POK में भी भड़का गुस्सा तो दूसरी ओर लगातार आगे बढ़ रहा PTI का मार्च, दो मोर्चों पर घिरा पाकिस्तान
Imran Khan Release March
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पाकिस्तान में चल रहे इस उथल पुथल के बीच पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के लिए POK से भी एक सिरदर्दी आ गई है. दरअसल, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थानीय लोग अपने अधिकारों के लिए आंदोलन तेज करने जा रहे हैं.
पांचवें दिन भी जारी PTI का मार्च का काफिला शुक्रवार की रात करीब 1:30 बजे काफिला पेशावर में था और अब वह चरसद्दा की ओर बढ़ रहा है. इस दौरान पार्टी के नेता इसे इमरान खान की रिहाई और अपनी मांगों को मनवाने के लिए राजनीतिक संघर्ष बता रहे हैं. ऐसे में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि यदि PTI लॉन्ग मार्च के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करती है, तो इमरान खान को कोई राहत नहीं मिलेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी सरकार को ब्लैकमेल करना चाहती है और हर दो-तीन महीने में इस्लामाबाद पर चढ़ाई करने जैसा माहौल बनाती है.
मार्च की अगुवाई कर रहे खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने पेशावर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आंदोलन की तुलना क्रिकेट मैचों से की. अफरीदी ने कहा कि अभी आंदोलन शुरुआती ‘टेस्ट मैच’ के चरण में है, इसलिए कार्यकर्ताओं को जल्द थकना नहीं चाहिए. इसके बाद ODI, फिर T20 और आखिर में T10 जैसे चरण आएंगे. अफरीदी ने कहा कि PTI अपनी मांगों को लेकर सभी रास्ते आजमा चुकी है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. उनका दावा है कि पार्टी की सातों मांगें संविधान के दायरे में हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मार्च का अगला राजनीतिक कदम चरसद्दा में घोषित किया जाएगा. इस दौरान अफरीदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि यह बिलावल भुट्टो-जरदारी और मरियम नवाज के मार्च जैसा ‘फिक्स्ड मैच’ नहीं है.
बता दें कि एक ओर PTI का मार्च इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में स्थानीय अधिकारों को लेकर आंदोलन के तेवर सख्त होते दिखाई दे रहे हैं. दरअसल, रावलाकोट के ईदगाह मैदान में जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी की रैली में हजारों लोग जुटे. ऐसे में कमेटी के कोर सदस्य सरदार अमान खान का कहना है कि जब तक उनकी बुनियादी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने प्रशासन पर देरी और दबाव बनाने के आरोपों के बीच आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया. साथ ही चेतावनी दी कि सामूहिक मांगों से समझौता करने वाले किसी भी कदम को स्वीकार नहीं किया जाएगा.