UN: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने AI शिखर सम्मेलन के आयोजन करने के लिए भारत को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक मामलों में प्रभाव रखने वाली एक बेहद सफल उभरती अर्थव्यवस्था है और यह AI शिखर सम्मेलन के लिए उपयुक्त स्थान है. संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक विशेष साक्षात्कार में गुतारेस कहा कि शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए वह भारत की यात्रा करेंगे.
टिप्पणी स्पष्ट रूप से US और चीन पर केन्द्रित
उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि AI केवल सर्वाधिक विकसित देशों का विशेषाधिकार हो. गुतारेस की इस टिप्पणी को स्पष्ट रूप से अमेरिका और चीन पर केन्द्रित माना जा रहा है. गुतारेस ने इस बात पर जोर दिया कि कृत्रिम मेधा (AI) से पूरी दुनिया को लाभ होना चाहिए न कि यह केवल विकसित देशों या दो महाशक्तियों के लिए आरक्षित विशेषाधिकार हो.
पहला एआई शिखर सम्मेलन
यह उच्च स्तरीय कार्यक्रम 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला है जो ग्लोबल साउथ के किसी देश में आयोजित होने वाला पहला एआई शिखर सम्मेलन होगा और यह लोग धरती और प्रगति के तीन मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित है. गुतारेस ने कहा कि यह बेहद आवश्यक है कि कृत्रिम मेधा मानव जाति के लाभ के लिए एक सार्वभौमिक साधन बने.
भारत सफल उभरती हुई अर्थव्यवस्था
उन्होंने कहा कि भारत की भूमिका आज एक बेहद सफल उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में है और यह न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था में बल्कि वैश्विक मामलों में भी लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत बिल्कुल उपयुक्त जगह है और यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि एआई की अपार संभावनाओं एवं इसके सभी जोखिमों के साथ इस पर गहराई से चर्चा हो.
एआई पूरी दुनिया से संबंधित
क्योंकि एआई पूरी दुनिया से संबंधित है, न कि केवल कुछ लोगों से. भारत का मजबूत तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र और बड़ी प्रतिभा (15% वैश्विक एआई कार्यबल) एआई क्षेत्र में वैश्विक चर्चा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इसे भी पढ़ें. तीन दिवसीय भारत दौरे पर रहेंगे फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, AI इम्पैक्ट समिट समेत कई कार्यक्रमो में होंगे शामिल

