India Bangladesh Visa: बांग्लादेश में अब युनूस का नहीं बल्कि तारिक रहमान का शासन है, ऐसे में वो अब अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को समान्य करने की कोशिशों में जुट गया है. दरअसल, भारत और बांग्लादेश के संबंधों में करीब डेढ़ साल से चले आ रहे कूटनीतिक तनाव के बाद अब सुधार के संकेत मिलने लगे हैं. बांग्लादेश में तैनात भारत के वरिष्ठ वाणिज्य दूत अधिकारी अनिरुद्ध दास ने संकेत दिया है कि भारत जल्द ही बांग्लादेश में सभी श्रेणियों की वीज़ा सेवाएं पूरी तरह बहाल करने जा रहा है.
दरअसल, सिलहट में आयोजित एक कार्यक्रम में के दौरान उन्होंने कहा कि फिलहाल मेडिकल और डबल-एंट्री वीज़ा जारी किए जा रहे हैं तथा अन्य श्रेणियों-खासकर ट्रैवल वीज़ा-को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है.
नए सिरे से संतुलन बनाने की कोशिश में दोनों देश
भारतीय अधिकारी का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के रिश्ते हालिया राजनीतिक उथल-पुथल के बाद नए सिरे से संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं. 2024 के जुलाई-अगस्त आंदोलन के बाद बांग्लादेश की सत्ता से शेख हसीना के हटने और बाद में अंतरिम प्रशासन के गठन से द्विपक्षीय संबंधों में ठंडापन आ गया था.
बांग्लादेश में रोक दी गई थी वीज़ा आवेदन केंद्रों का संचालन
नई परिस्थितियों में भारत को अपने दूतावासों और वीज़ा केंद्रों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ानी पड़ीं. स्थिति उस समय और जटिल हो गई जब मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाले अंतरिम शासन के दौरान भारत-विरोधी गतिविधियों और प्रदर्शनों में वृद्धि देखी गई. सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत ने अगस्त 2024 में पहली बार पूरे बांग्लादेश में अपने वीज़ा आवेदन केंद्रों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया था. बाद में सीमित श्रेणियों में सेवाएं बहाल हुईं, लेकिन दैनिक वीज़ा जारी करने की संख्या पहले के मुकाबले काफी कम रही.
नवंबर 2025 में हालात फिर बिगड़े और ढाका सहित कई शहरों में भारतीय वीज़ा केंद्र बंद करने पड़े. जवाबी कदम के तौर पर बांग्लादेश ने भी भारत में अपनी कुछ कांसुलर सेवाएं निलंबित कर दी थीं. इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच विश्वास की खाई को और गहरा कर दिया.
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