144 राफेल पर होगी चर्चा, भारत दौरे पर आ रहें फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनूएल मैक्रों

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India France New Deal: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनूएल मैक्रों फरवरी के तीसरे सप्ताह में भारत का अधिकारिक दौरा करेंगे. ऐसे में उनके 18 फरवरी को नई दिल्ली में होने वाले एआई शिखर सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है. फ्रेंच प्रेसीडेंट के दौरे को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. भारतीय डिफेंस सेक्टर के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति का भारत दौरा बेहद खास है.

मैक्रों के इस दौरे में भारत-फ्रांस के बीच होने वाली द्विपक्षीय बातचीत में राफेल की खरीद का प्रस्ताव भी शामिल है. इस डील में इंडियन एयरफोर्स के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की जानी है, जिसमें करीब 3.25 लाख करोड़ खर्च होने हैं.

भारत-फ्रांस के बीच हाई लेवल की मीटिंग

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्ताव पर बीते महीने ही भारत का रक्षा खरीद बोर्ड प्रारंभिक सहमति जता चुका है, जिस पर अगले हफ्ते भारत के रक्षा मंत्री की हाई लेवल मीटिंग में चर्चा की संभावना है. मौजूदा सुरक्षा हालात को लेकर इंडियन एयरफोर्स की जरूरतों और ऑपरेशन के लिहाज से इस डील को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

अभी भारत के पास कितने राफेल?

बता दें कि फ्रांस से राफेल विमानों की खरीद की चर्चा का समय बेहद महत्वपूर्ण है. भारतीय वायु सेना के बेड़े में मौजूदा समय में करीब 30 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं, जो उसकी स्वीकृत क्षमता 42 स्वाड्रन से काफी कम हैं. डिफेंस एक्सपर्ट बांग्लादेश और पाकिस्तान के अलावा पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते रणनीतिक और सैन्य गठजोड़ को भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाने वाले फैक्टर के तौर पर दिखाते हैं.

क्यों खास है राफेल?

राफेल प्रोजेक्ट इंडियन एयरफोर्स के लिए बेहद खास है. क्‍योंकि 4.5 जेनेरेशन से ज्यादा ताकत वाले मल्टीरोल फाइटर एयरक्रॉफ्ट मिलने से भारत की आक्रामक हवाई ताकत बढ़ेगी. लंबे समय से वायुसेना में घातक लड़ाकू विमानों की कमी खल रही थी, जो राफेल वाली इस डील से पूरी होगी. प्रस्ताव के मुताबिक, भारत में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत, 114 राफेल विमानों में से 80 फीसदी का निर्माण भारत में ही पूरा किया जाना है.

इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में होंगे 150 राफेल

सूत्रों के मुताबिक इंडियन एयरफोर्स 88 सिंगल सीटर और 26 ट्विन सीटर विमान खरीदेगी. ज्यादातर का प्रोडक्शन फ्रांस की निर्माता कंपनी द सॉल्ट और भारतीय प्राइवेट सेक्टर की कंपनी करेंगी, जो भारत में ही होगा. डील पूरी होने के बाद भारतीय वायु सेना के राफेल बेड़े में एयरक्राफ्ट की संख्या बढ़कर लगभग 150 हो जाएगी.

राफेल ने की पाकिस्तान की हालत की खराब

114 राफेल का सौदा इस मायने में भी खास हैं, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसने शानदार प्रदर्शन किया था. इस दौरान भारत के सटीक हमलों के चलते पाकिस्तान घुटने टेकने पर मजबूर हो गया था. राफेल 4.5 जेन का फाइटर जेट है, जो पाकिस्तानी जेएफ-17 से कहीं बेहतर माना जाता है. यही नहीं अभी भारतीय वायुसेना के बेड़े में 36 राफेल लड़ाकू विमान हैं, जबकि नौसेना भी 36 राफेल के लिए नए वेरिएंट का ऑर्डर दे चुकी है.

इसे भी पढें:-बांग्लादेश में चुनाव स्वतंत्र या निष्पक्ष नहीं होंगे? US विद्वान ने देश की स्थिति को बताया बेहद चिंताजनक

Latest News

भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर हुई सार्थक बातचीत- पीयूष गोयल

New Delhi: अमेरिका- भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक साझेदारी को विस्तार देने के मुद्दों पर गुरुवार को...

More Articles Like This

Exit mobile version