पाकिस्तान का डर हुआ सच! भारत ने इस देश के साथ कर ली 114 राफेल की डील

India-France Rafale Deal : फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दिल्ली यात्रा से पहले, भारत और फ्रांस में राफेल फाइटर जेट की मेगा-डील को लेकर गुडन्यूज सामने आई है. बता दें कि गुरुवार को भारतीय वायुसेना के लिए रक्षा मंत्रालय ने 114 मेक इन इंडिया राफेल लड़ाकू विमानों को मंजूरी दे दी है. प्राप्‍त जानकारी के अनुसार भारत में बनने वाले फ्रांसीसी लड़ाकू विमानों के इस सौदे की कुल कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ होगी, जो कि अब तक की दुनिया की सबसे बड़ी डिफेंस डील में से एक है.

जानकारी के मुताबिक, पिछले महीने रक्षा मंत्रालय के डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड ने वायुसेना के इस प्रपोजल को हरी झंडी दी थी, जो कि हर एक रक्षा सौदे की पहली सीढ़ी होती है. इसके साथ ही डीएसी के बाद ये प्रोजेक्ट वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास जाएगा. इससे यह संभावना जताई जा रही है कि इन 114 राफेल फाइटर जेट में से 16 को सीधे फ्रांस से खरीदा जा सकता है. साथ ही इन 114 राफेल फाइटर जेट से वायुसेना की 5-6 स्क्वाड्रन को खड़ा किया जा सकता है.

36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला

प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक, साल 2016 में भारत ने फ्रांस से सीधे 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला किया था, ऐसे में यदि इसके कुल कीमत की बात करें तो करीब 59 हजार करोड़ थी. पिछले वर्ष अप्रैल में भारत ने नौसेना के लिए राफेल लड़ाकू विमानों के मरीन वर्जन यानी रफाल (एम) खरीदने को लेकर करार किया था. इसके साथ ही इन राफेल (एम) लड़ाकू विमानों को स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर तैनात किया जाएगा. बता दें कि करार होने के बाद राफेल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दासो (दसॉल्ट), भारत में किसी स्वदेशी कंपनी के साथ देश (भारत में) ही एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी.

राफेल को लेकर जताई उम्मीद

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष 2025 अप्रैल में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय वायुसेना के मौजूदा राफेल फाइटर जेट की ऑपरेशनल क्षमताओं को देखते हुए मेक इन इंडिया के तहत फ्रांसीसी लड़ाकू विमान बनाने का फैसला लिया था. इतना ही नही बल्कि बुधवार को वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने राफेल को ऑपरेशन सिंदूर का हीरो करार दिया था. बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वाइस चीफ ने एयरफोर्स में ज्यादा संख्या में राफेल को लेकर उम्मीद जताई थी.

114 राफेल प्रोजेक्ट को मंजूरी

फिलहाल भारतीय वायुसेना जिन 36 राफेल फाइटर जेट को इस्तेमाल करती है, उन्हें मिटयोर, मीका और स्कैल्प मिसाइलों से लैस किया गया है. बता दें कि ये सभी फ्रांसीसी मिसाइल है, लेकिन इन सभी मि‍साइलों को मेक इन इंडिया राफेल फाइटर जेट को भारत में बनी मिसाइलों से भी लैस किया जा सकता है. ऐसे में अगर सरकार से इस 114 राफेल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाती है तो वायुसेना का पुराना एमआरएफए यानी मीडियम वेट फाइटर जेट प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा. लेकिन उसमें विदेश की अलग-अलग एविएशन कंपनी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा ले सकती थी (दासो सहित). लेकिन मौजूदा डील, सीधे भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच में होगी.

भारत ने किया राफेल का सौदा

मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि इसी वर्ष अप्रैल के महीने में ही भारत ने नौसेना के लिए फ्रांस के साथ राफेल के 26 मरीन वर्जन का सौदा भी किया था, ऐसे में इसकी कीमत करीब 63 हजार करोड़ बताई जा रही थी. इन राफेल (एम) विमानों को नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर तैनात करने के लिए खरीदा जा रहा है.

 इसे भी पढ़ें :- इंडिया-US डील से भारत को फायदा, SBI रिपोर्ट ने लगाई मुहर

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