भारत और नेपाल के बीच कूटनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में सोमवार को एक अहम बैठक हुई. नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल से शिष्टाचार मुलाकात की. यह बैठक नेपाल के विदेश मंत्रालय में आयोजित हुई, जहां दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग और आपसी साझेदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. नेपाल के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह मुलाकात दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही.
नई सरकार के गठन के बाद पहली कूटनीतिक सक्रियता
नेपाल में हाल ही में नई सरकार के गठन के बाद यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेता बालेंद्र शाह ने 27 मार्च को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने शिशिर खनल को देश का विदेश मंत्री नियुक्त किया. ऐसे में यह भारत की ओर से नई सरकार के साथ पहला महत्वपूर्ण कूटनीतिक संपर्क माना जा रहा है, जो दोनों देशों के रिश्तों में निरंतरता और सहयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
भारत की ओर से बधाई और सहयोग का संदेश
बैठक के दौरान राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की ओर से शिशिर खनल को नई जिम्मेदारी संभालने पर शुभकामनाएं दीं. नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न पहलुओं—जैसे विकास परियोजनाएं, आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता—पर चर्चा की गई.
इससे पहले 27 मार्च को डॉ. एस. जयशंकर ने भी X पर पोस्ट करते हुए शिशिर खनल को विदेश मंत्री बनने पर बधाई दी थी. उन्होंने अपने संदेश में कहा था कि वे भारत-नेपाल की पारंपरिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए उनके साथ काम करने को उत्सुक हैं.
प्रधानमंत्री स्तर पर भी दिखी गर्मजोशी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह को पदभार संभालने पर बधाई दी थी. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा था कि वे दोनों देशों के नागरिकों के हित में भारत-नेपाल के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. इसके जवाब में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करते हुए दोनों देशों के रिश्तों को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई.
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आपके अच्छे शब्दों और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद. मैं हमारे लोगों की आम खुशहाली के लिए हमारे दोनों देशों के बीच कई तरह के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं.”
आरएसपी की बड़ी जीत और नया नेतृत्व
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने हाल के संसदीय चुनावों में लगभग दो-तिहाई बहुमत के साथ बड़ी जीत हासिल की. पार्टी ने 26 मार्च को बालेंद्र शाह को अपना संसदीय दल का नेता चुना, जिसके बाद वह नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री बने. 35 वर्षीय बालेंद्र शाह नेपाल के अब तक के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में से एक हैं. उनके नेतृत्व में नेपाल की राजनीति में नई सोच और नई ऊर्जा देखने को मिल रही है, जिससे आने वाले समय में नीतिगत बदलावों की उम्मीद भी जताई जा रही है.
भारत-नेपाल संबंधों की मजबूत नींव
भारत और नेपाल के संबंध केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक संबंध भी हैं. दोनों देशों के नागरिकों के बीच खुली आवाजाही और पारिवारिक रिश्ते इस साझेदारी को और मजबूत बनाते हैं. नेपाल में भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत नेपाल का सबसे बड़ा विकास साझेदार है.
भारत की ओर से दी जाने वाली सहायता का बड़ा हिस्सा ग्रांट के रूप में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित होता है. भारत 1950 के दशक से नेपाल के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और यह सहयोग समय के साथ और भी मजबूत होता गया है.
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