भारत-पाकिस्तान ने एक दूसरे को सौंपी परमाणु ठिकानों की लिस्ट, जानिए क्यों दशकों से निभाई जाती है ये प्रक्रिया

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India-Pakistan: भारत और पाकिस्तान ने आज अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया. दोनों देशों के बीच तीन दशक से भी अधिक समय से यह परंपरा जारी है. दशकों पहले हुए एक समझौते के तहत दोनों देशों के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान हुआ.

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान जारी कर कहा कि सूची का आदान-प्रदान परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं के खिलाफ हमले के निषेध पर एक समझौते के प्रावधानों के तहत हुआ. परमाणु प्रतिष्‍ठानों की सूची को एक समझौते के तहत साझा किया गया था, जिस पर 31 दिसंबर 1988 को हस्ताक्षर किए गए थे और 27 जनवरी 1991 को लागू हुआ था.

1992 में हुआ था सूचियों का पहला आदान-प्रदान

समझौते में यह भी प्रवधान था कि प्रत्येक कैलेंडर वर्ष की पहली जनवरी को भारत और पाकिस्तान समझौते के तहत शामिल किए जाने वाले परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं के बारे में एक-दूसरे को सूचित करेंगे. ऐसे में 1 जनवरी 2025 को दोनों देशों के बीच किया गया सूचियों का लगातार 34वां आदान-प्रदान है, पहला आदान-प्रदान 1 जनवरी 1992 को हुआ था.

भारत की परमाणु मिसाइल

पृथ्वी-II का रेंज 350 किलोमीटर

अग्नि-I का रेंज 700 किलोमीटर

अग्नि-II का रेंज 2000 किलोमीटर

अग्नि-III का रेंज 3200 किलोमीटर

अग्नि-IV का रेंज 3500 किलोमीटर

पाकिस्तान की परमाणु मिसाइल

नस्त्र का रेंज 60 से 70 किलोमीटर

अब्दाली का रेंज 200 किलोमीटर

गजनवी का रेंज 300 किलोमीटर

शाहीन-I का रेंज 750 किलोमीटर

शाहीन-Iए का रेंज 900 किलोमीटर

गौरी का रेंज 1250 किलोमीटर

शाहीन-II का रेंज 1500 किलोमीटर

अबाबील का रेंज 2200 किलोमीटर

शाहीन-III का रेंज 2750 किलोमीटर

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