India US relations: राज्यसभा सांसद और मक्कल निधि मय्यम के नेता कमल हासन ने रूसी तेल अनुमति पर विवाद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खरी खरी सुनाई है. उन्होंने कहा कि भारत किसी अन्य देश से आदेश नहीं लेता है, आप अपने काम से काम रखें. कमल हसन का ये बयान अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उस बयान पर प्रतिक्रिया थी, जिसमें बेसेंट ने कहा था कि मध्य पूर्व संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान आने के बाद अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी है.
अभिनेता सांसद हसन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा कि डियर राष्ट्रपति महोदय, हम भारत के लोग एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के नागरिक हैं. हम अब दूर के विदेशी तटों से आदेश नहीं लेते हैं. कृपया अपने काम से काम रखें. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि संप्रभु राष्ट्रों के बीच आपसी सम्मान ही स्थायी वैश्विक शांति का इकलौता आधार है. हम आपके देश और उसके लोगों के लिए शांति और समृद्धि की कामना करते हैं.
स्कॉट बेसेंट ने क्या कहा था?
बता दें कि अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की अनुमति दे दी है. बेसेंट ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि भारतीयों ने बहुत अच्छा सहयोग दिया है. हमने उनसे प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदना बंद करने को कहा था, उन्होंने ऐसा किया भी. वे इसके बदले अमेरिकी तेल खरीदने वाले थे. हालांकि दुनिया भर में तेल की अस्थायी कमी को दूर करने के लिए हमने उन्हें रूसी तेल खरीदने की अनुमति दे दी है.
कोई ठोस कदम उठाने पर विचार कर रहा अमेरिका
बेसेंट की टिप्पणियों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति से किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि क्या अमेरिका कोई और कदम उठाने पर विचार कर रहा है. इस पर ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बावजूद तेल की वैश्विक आपूर्ति मजबूत बनी हुई है. हमारे देश में बहुत अधिक मात्रा में तेल है और दुनिया में भी तेल का बड़ा भंडार मौजूद है. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो मैं थोड़ा दबाव कम करने के लिए ऐसा कदम उठाऊंगा.
अनुमति विवाद पर केंद्र का जवाब
वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि होर्मुज मार्ग पर बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित और स्थिर बनी हुई है. भारत ने कच्चे तेल के स्रोतों को 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक कर लिया है, जिससे कई वैकल्पिक आपूर्ति मार्ग सुनिश्चित हो गए हैं. साथ ही कहा कि देश हित में भारत तेल वहीं से खरीदता है, जहां सबसे प्रतिस्पर्धी और किफायती दरें उपलब्ध हों. अधिकारियों ने यह भी कहा कि रूसी तेल खरीदने के लिए भारत कभी भी किसी देश की अनुमति पर निर्भर नहीं रहा है.
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