Washington: रूस द्वारा ईरान को खुफिया जानकारी देने की खबरों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ज्यादा महत्व नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि अगर रूस वास्तव में ईरान को जानकारी दे भी रहा है तो भी इससे ईरान को कोई बड़ा फायदा नहीं हो रहा. ट्रंप ने कहा कि पिछले सप्ताह की घटनाओं से यह साफ है कि ईरान को कोई खास लाभ नहीं हुआ. यह कदम तब आया है जब ईरान ने पहले यूक्रेन युद्ध के लिए रूस को ड्रोन और मिसाइलें प्रदान की थीं.
हमलों की सटीकता में सुधार
बता दें कि इस खुफिया जानकारी से ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों की सटीकता में सुधार हो सकता है जो अमेरिकी हितों के लिए एक गंभीर चुनौती है. समाचार एजेंसी Associated Press और अन्य मीडिया संस्थानों की रिपोर्टों में दावा किया गया था कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि रूस ने ईरान को कुछ संवेदनशील जानकारी दी थी.
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
बताया गया कि इसी जानकारी के आधार पर ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाया. हालांकि ट्रंप ने इन रिपोर्टों की पुष्टि नहीं की. ट्रंप ने यह टिप्पणी उस समय की जब वह Kuwait में ड्रोन हमले में मारे गए छह अमेरिकी सैनिकों के राजकीय सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार में शामिल हुए. यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका और Israel ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी.
युद्ध का और बढ़ सकता है दायरा
ट्रंप ने Air Force One में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि “अगर आप पिछले सप्ताह ईरान के साथ जो हुआ है उस पर नजर डालें तो इससे उन्हें ज्यादा मदद मिलती नहीं दिख रही.” विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रूस और ईरान के बीच खुफिया सहयोग की पुष्टि होती है तो इससे पश्चिम एशिया के युद्ध का दायरा और बढ़ सकता है. यह स्थिति United States, Israel, Iran और Russia के बीच बड़े भू-राजनीतिक टकराव का रूप ले सकती है.
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