India-US trade deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अपने ‘‘अंतिम चरण” में पहुंच चुका है और अब केवल करीब एक प्रतिशत वार्ता ही बाकि है. ये बात भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को कही. इस दौरान उन्हाेने विश्वास जताया कि लगभग 18 महीने से जारी बातचीत के बाद यह समझौता जल्द ही अंतिम रूप ले लेगा.
वाशिंगटन में आयोजित ‘यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट’ को संबोधित करते हुए गोर ने कहा कि वह इस समझौते को जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं क्योंकि इससे दोनों देशों को लाभ होगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि PM मोदी G20 समिट के लिए दिसंबर में अमेरिका जाएंगे. उन्होंने कहा कि ‘‘हम इस समझौते के अंतिम चरण में हैं. इसका अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है. दोनों पक्षों की ओर से कुछ ही मुद्दे शेष हैं. अब इस पर केवल एक प्रतिशत बातचीत ही बाकी रह गयी है.”
समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध
उन्होंने कहा कि ‘‘लोग पूछते हैं कि इसमें इतना समय क्यों लग रहा है? हम पिछले डेढ़ साल से इस पर काम कर रहे हैं. लेकिन इसे व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें तो भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध 20 सालों से हैं. इसलिए चाहे जो भी हो, एक बार जब हम यूरोप के साथ हुए समझौते से आगे निकल जाएंगे, तो हमारी स्थिति काफी मजबूत होगी. लेकिन मैं इस समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं.”
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा से जुड़ी बेहद सुखद यादें हैं और वह आज भी उस यात्रा का अक्सर जिक्र करते हैं. उन्होंने कहा कि ‘‘राष्ट्रपति की पिछली भारत यात्रा उनके सबसे यादगार दौरों में से एक थी, जिसका वह आज भी जिक्र करते हैं. वह उस यात्रा को बेहद स्नेह और सम्मान के साथ याद करते हैं. यह वास्तव में एक अद्भुत अनुभव था. इसलिए मैं राष्ट्रपति के दोबारा भारत आने का इंतजार कर रहा हूं.” गोर ने यह भी घोषणा की कि ‘क्वाड’ देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक लगभग दो सप्ताह बाद फिलीपीन में आयोजित होने वाली है.
PM मोदी G20 समिट के लिए दिसंबर में अमेरिका जाएंगे- गोर
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राजनयिक सर्जियो गोर ने दावा किया कि पीएम मोदी G20 समिट के लिए दिसंबर में अमेरिका जाएंगे. अपनी बातचीत के दौरान गोर ने कहा, “सेक्रेटरी (विदेश मंत्री) मार्को रुबियो ने पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें आमंत्रित किया था… हम चाहेंगे कि वे फिर से यहां आएं. और मुझे पता है कि वे दिसंबर में G20 के लिए आ रहे हैं.”

