New Delhi: ईरान और बोलीविया ने अपने एंट्री के नियमों में बदलाव किया है. 2026 में ऐसे देशों की संख्या कम हो गई है जहां भारतीय पासपोर्ट धारक बिना वीजा के या आसान एंट्री के साथ प्रवेश कर सकते हैं. पहले भारतीय आसानी से 57 देशों की यात्रा कर सकते थे लेकिन अब यह संख्या घटकर 55 हो गई है. ऐसा दो देशों ईरान और बोलीविया के कारण हुआ है, जिन्होंने अपने एंट्री के नियमों में बदलाव किया है.
सुरक्षा कारणों से ईरान में वीजा-फ्री सुविधा बंद
ईरान अब भारतीय नागरिकों को वीज़ा-फ्री एंट्री की अनुमति नहीं देता है. 2025 के अंत में सामने आए कुछ मामलों में भारतीयों को नौकरियों और ट्रांजिट के बहाने ईरान ले जाया गया. पहुंचने पर कई लोगों को किडनैप कर लिया गया और फिरौती मांगी गई. इन घटनाओं के बाद सुरक्षा कारणों से ईरान ने नवंबर 2025 से सामान्य भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-फ्री सुविधा बंद कर दी. अब ईरान की यात्रा करने या वहां से ट्रांजिट करने के लिए पहले से वीजा प्राप्त करना अनिवार्य है.
आवश्यक दस्तावेज और रहने की सीमा जैसी शर्तों के अधीन
2025 तक ईरान ने भारतीयों को सीमित समय के लिए बिना वीजा के यात्रा करने की अनुमति दी थी. हालांकि यह आवश्यक दस्तावेज और रहने की सीमा जैसी शर्तों के अधीन था. यह सुविधा अब पूरी तरह से बंद कर दी गई है. बोलीविया ने भी भारतीय यात्रियों के लिए अपने नियम सख्त कर दिए हैं. 2026 से भारतीयों को बोलीविया की यात्रा करने से पहले ऑनलाइन ई-वीजा प्राप्त करना होगा. इस प्रक्रिया में एक डिजिटल फॉर्म, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन शुल्क शामिल है.
एयरपोर्ट पर पहुंचने पर जारी किया जाता था वीजा
अप्रूवल के बाद वीजा इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किया जाता है और यात्रा के समय इसे दिखाना होगा. पिछले साल तक बोलीविया भारतीय नागरिकों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा देता था. इसका मतलब था कि एयरपोर्ट पर पहुंचने पर वीजा जारी किया जाता था और पहले से किसी अप्रूवल की जरूरत नहीं थी. इसी वजह से इसे आसान एंट्री वाली कंट्रीज में से एक माना जाता था.
भारतीयों के लिए 2026 में स्थिति थोड़ी अलग
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बना रहे भारतीयों के लिए 2026 में स्थिति थोड़ी अलग है. एक तरफ भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार हुआ है लेकिन दूसरी तरफ कुछ देशों में एंट्री के नियम सख्त हो गए हैं. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत 80वें स्थान पर पहुंच गया है, जिसे पिछले साल की तुलना में सुधार माना जा रहा है. इस रिपोर्ट के साथ ईरान और बोलीविया में एंट्री के नियमों में बदलाव आया है.
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