New Delhi: राजस्थान रॉयल्स का चेहरा बन चुके क्रिकेटर संजू सैमसन का IPL 2026 से पहले फ्रेंचाइज़ी छोड़ना सिर्फ एक ट्रांसफर नहीं, बल्कि एक युग के अंत जैसा है. यही वजह है कि इस फैसले ने फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स दोनों को चौंका दिया है. पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फॉफ डू प्लेसिस का मानना है कि संजू सैमसन का राजस्थान रॉयल्स से जाना फ्रेंचाइज़ी के लिए बहुत बड़ा झटका है.
हर टीम के पास एक आइकॉनिक भारतीय खिलाड़ी
उन्होंने सैमसन को टीम का “चेहरा” बताते हुए कहा कि जिस तरह हर टीम के पास एक आइकॉनिक भारतीय खिलाड़ी होता है, वैसे ही सैमसन राजस्थान के लिए थे. सैमसन ने राजस्थान रॉयल्स के साथ 11 सीजन बिताए, इस दौरान उन्होंने टीम के लिए सबसे ज्यादा मैच खेले और सबसे ज्यादा रन भी बनाए.
फैंस और पूरे टूर्नामेंट के लिए बड़ी बात
फॉफ डू प्लेसिस ने बातचीत में कहा कि जब मैं राजस्थान रॉयल्स के बारे में सोचता हूं तो सबसे पहले संजू सैमसन का नाम आता है. उनका जाना फैंस और पूरे टूर्नामेंट के लिए बड़ी बात है, क्योंकि उन्होंने टीम के लिए अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने यह भी कहा कि सैमसन के जाने के बाद यशस्वी जायसवाल पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाएगी. पहले जहां जायसवाल को अपने नेचुरल गेम खेलने की आज़ादी थी, वहीं अब उनसे टीम को संभालने की उम्मीद भी की जाएगी.
जायसवाल से ज्यादा जिम्मेदारी की उम्मीद
जब सैमसन लगातार रन बनाते थे, तो जायसवाल बिना दबाव के खेल सकते थे. लेकिन अब उनसे ज्यादा जिम्मेदारी की उम्मीद की जाएगी हालांकि, मेरे हिसाब से उन्हें अपना अटैकिंग गेम नहीं बदलना चाहिए, क्योंकि वही उनकी ताकत है. इस बीच पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी ने राजस्थान रॉयल्स के कप्तानी फैसले पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि रियान पराग को कप्तान बनाना थोड़ा हैरान करने वाला फैसला है, खासकर तब जब टीम में जायसवाल जडेजा और सैम करन जैसे विकल्प मौजूद हैं.
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