US-Israel Iran Attack: खामेनेई की मौत के ईरान की ताकतवर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इतिहास का सबसे बड़ा हमला करने की चेतावनी दी है. अमेरिका- इज़राइल को कड़ी सज़ा देने की कसम खाई है. उधर, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव जल्द नहीं थमा, तो इसका असर तेल बाजार, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा. पश्चिम एशिया की यह आग अब सीमाओं से बाहर फैलने का खतरा पैदा कर रही है.
कड़ी, पक्की और अफसोसनाक सज़ा
साथ ही IRGC ने साथ चेतावनी दी है कि मौलवी के हत्यारों को इतिहास के सबसे भयानक हमले का सामना करना पड़ेगा. अपने ऑफिशियल टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट किए गए एक कड़े बयान में IRGC ने ऐलान किया कि ईरानी देश का बदला लेने का हाथ तब तक नहीं रुकेगा जब तक कड़ी, पक्की और अफसोसनाक सज़ा नहीं दी जाती.
अमेरिकी और इजरायली सैन्य अड्डे लक्ष्य
सुप्रीम लीडर की मौत के दावों के बाद IRGC ने कड़ा बयान जारी किया. IRGC ने कहा कि ईरान अपने इतिहास का सबसे खतरनाक और निर्णायक हमला करने जा रहा है. बयान में कहा गया कि अमेरिकी और इजरायली सैन्य अड्डे तथा उनके सहयोगी ठिकाने प्राथमिक लक्ष्य होंगे. क्रांतिकारी बातों से भरे इस मैसेज में खामेनेई को उम्माह का इमाम बताया गया और उनकी कथित हत्या को सिर्फ़ एक लीडर पर ही नहीं, बल्कि खुद इस्लामिक रिपब्लिक पर हमला बताया गया.
40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा
ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया कि सुप्रीम लीडर Ali Khamenei तेहरान स्थित अपने कंपाउंड पर हुए हमले में मारे गए. सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB और अर्धसरकारी एजेंसियों ने उनकी मौत की पुष्टि करते हुए 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की. हालांकि शुरुआती घंटों में कुछ अधिकारियों ने इन खबरों को साइकोलॉजिकल वॉरफेयर भी बताया, जिससे भ्रम की स्थिति बनी रही.
बनाई गई तीन सदस्यीय काउंसिल
ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA के मुताबिक, नेतृत्व की निरंतरता बनाए रखने के लिए तीन सदस्यीय काउंसिल बनाई गई है. इस काउंसिल में राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्डियन काउंसिल का एक सदस्य शामिल होगा, जो अस्थायी रूप से सुप्रीम लीडर की जिम्मेदारियां संभालेगा.
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