New Delhi: ब्रिटेन में ईरानी दूतावास ने लंदन की ओर से तेहरान पर लगाए गए प्रतिबंधों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें अवैध करार दिया है. ‘मेहर’ न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दूतावास ने कहा कि ऐसे कदम दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई को और गहरा करेंगे और द्विपक्षीय सहयोग को कमजोर करेंगे. बयान में जोर दिया गया कि ईरान हमेशा से अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है और उसका परमाणु कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की पूरी निगरानी में है.
क्षेत्रीय गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सख्त कानून पारित
हाल ही में सितंबर 2026 में ब्रिटेन सरकार ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी क्षेत्रीय गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए एक नया सख्त कानून पारित किया है. ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया है. इसके तहत ईरान की ब्रिटिश वित्तीय प्रणाली तक पहुंच को रोक दिया गया है, व्यापारिक प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया गया है और अपवादों को छोड़कर ईरानी विमानों के ब्रिटेन में उतरने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.
जहाजों को भी निशाना बनाने की शक्तियां मिली
इसके अलावा ब्रिटेन को उन जहाजों को भी निशाना बनाने की शक्तियां मिली हैं जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम में मदद करते हैं. लंदन में स्थित ईरानी दूतावास ने एक आधिकारिक बयान जारी कर ब्रिटेन के इस कदम की आलोचना की है. ईरान ने इन प्रतिबंधों को अवैध और एकतरफा बताया है. ईरानी दूतावास का कहना है कि ब्रिटेन का यह रवैया दोनों देशों के आपसी हितों के खिलाफ है और अमेरिका की आर्थिक आतंकवाद की नीति का समर्थन करने से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के रास्ते बंद होंगे.
परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण
ईरान ने दोहराया कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और यह अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में काम कर रहा है. कहा कि इससे दोनों देशों के बीच अविश्वास की दीवार और ऊंची होगी जिससे रिश्ते बिगड़ सकते हैं.
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