US ने शुरू किया ईरान पर हमला, सैन्य हेलीकॉप्टर मार गिराने के दावे पर भड़के ट्रंप, तेहरान ने दी चेतावनी

US-Iran War: होर्मुज जलडमरूमध्य के समीप सेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर हमले किए, जिसके बाद तेहरान ने इनका जवाब देने की चेतावनी दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दुर्घटना के लिए ईरान को दोषी ठहराया है. ट्रंप ने इससे पहले सोशल मीडिया पर लिखा था कि ईरान ने जलडमरूमध्य के ऊपर गश्त कर रहे अमेरिकी विमान को मार गिराया.

इस हमले का जवाब देना ही होगा

राष्ट्रपति ने कहा था कि अमेरिका को ‘इस हमले का जवाब देना ही होगा. ईरान ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई, जिससे ईरान युद्ध में स्थायी युद्धविराम की संभावनाओं पर फिर सवाल खड़े हो गए. इस युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग अवरुद्ध हो गया है और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल आया है. ईरान ने बुधवार को कहा कि उसने जॉर्डन में स्थित उस हवाई अड्डे पर मिसाइल हमला किया है, जहां अमेरिकी सैन्य बल तैनात हैं.

हमले की अभी पुष्टि नहीं

हालांकि, जॉर्डन और अमेरिका दोनों ने किसी भी हमले की अभी पुष्टि नहीं की. ईरान के अर्धसैन्य बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने मुवाफ्फक सल्ती एयर बेस पर मिसाइलें दागी हैं. इस एयर बेस पर अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमान और अन्य सैन्य विमान तैनात रहे हैं. इस बीच बहरीन में मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजने लगे, जहां अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है.

ठिकाने को निशाना बनाया

तेहरान ने कहा कि उसने जवाबी कार्रवाई के तहत इस ठिकाने को निशाना बनाया है. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान में ”वायु रक्षा प्रणालियों, जमीनी नियंत्रण स्टेशन और निगरानी रडार ठिकानों” को निशाना बनाकर हमले किए. ईरान ने बंदर अब्बास और केश्म द्वीप के आसपास हमलों की पुष्टि की, लेकिन नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी.

हमलों के उसी तरह जवाब

सेंट्रल कमांड ने कहा, ”यह अभियान अमेरिकी बलों और क्षेत्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हालिया हमलों के उसी तरह जवाब के रूप में चलाया गया.” इसके बाद ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय और कुवैत में अमेरिकी सैनिकों वाले सैन्य अड्डे को ड्रोन से निशाना बनाया. हालांकि, बहरीन और कुवैत दोनों ने ऐसे किसी हमले को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की.

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