New Delhi: ईरान और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ईरान की सत्ता को गिराने की चेतावनी के बाद ईरान की ओर से बेहद सख्त जवाब दिया गया है. ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने दावा किया है कि अगर ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों पर हमला हुआ, तो इजरायल को एक घंटे से भी कम समय में रहने लायक नहीं छोड़ा जाएगा. अजीजी ने इसके साथ एक नक्शा भी साझा किया, जिसमें इजरायल के अहम बुनियादी ढांचे दिख रहे हैं.
अहम ठिकानों का जिक्र सामने आया
ईरान की इस चेतावनी में पानी की सप्लाई, बिजली उत्पादन, तेल रिफाइनरी, ईंधन भंडारण, पुलों और परिवहन नेटवर्क जैसे अहम ठिकानों का जिक्र सामने आया है. हालांकि, यह ईरानी पक्ष की धमकी है. इब्राहिम अजीजी ने अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नेतन्याहू के उस बयान के जवाब में पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने ईरान की मौजूदा सत्ता को हटाने की बात कही थी. अजीजी ने चेतावनी दी कि ईरान के राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा.
इजरायल के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को दिखाया
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक जो नक्शा शेयर किया गया है, उसमें इजरायल के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को दिखाया गया है. इनमें डिमोना का परमाणु अनुसंधान केंद्र, समुद्री पानी को पीने लायक बनाने वाले समुद्री जल शोधन संयंत्र, बिजलीघर, तेल रिफाइनरी और प्रमुख पुल शामिल हैं. इस चेतावनी का मतलब यह है कि युद्ध के दौरान पलटवार करने में ईरान सिर्फ सैन्य ठिकानों पर हमला नहीं करेगा. वह इजरायल की जरूरी सेवाओं और बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाने की धमकी दे रहा है.
इजरायल के कई अहम बुनियादी ढांचों का उल्लेख
ईरान की ओर से दी गई चेतावनी और साझा जानकारी में इजरायल के कई अहम बुनियादी ढांचों का उल्लेख किया गया है. वाटर डिसैलिनेशन प्लांट सोरेक, हदेरा, अशदोद और अशकेलोन के संयंत्रों का जिक्र किया गया है. ये समुद्री पानी को पीने लायक बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. ओरोत राबिन और एश्कोल बिजली संयंत्रों को संभावित निशानों में शामिल बताया गया है. हाइफा और अशदोद की तेल रिफाइनरी तथा ईंधन भंडारण केंद्रों का नाम सामने आया है.
परमाणु अनुसंधान केंद्र भी नक्शे में चिह्नित
केंद्र डिमोना स्थित परमाणु अनुसंधान केंद्र को भी नक्शे में चिह्नित किए जाने की बात कही गई है. अहम पुलों और हाईवे इंटरचेंज का भी जिक्र किया गया है. इन जगहों का नाम सामने आने से यह सवाल उठ रहा है कि अगर दोनों देशों के बीच फिर बड़े पैमाने पर संघर्ष शुरू हुआ, तो आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर कितना असर पड़ सकता है.
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