Iran–Israel War: ईरानी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के बाद ईरान ने इजरायली रिफाइनरी पर हमला किया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने जानकारी दी. आईआरजीसी बताया कि उसने शनिवार रात इजरायल के हाइफा में एक रिफाइनरी पर हमला किया, जो उसके अपने ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बदले में किया गया था.
ईरान के राष्ट्रीय सैन्य बल (आईआरजीसी) ने अपने आधिकारिक समाचार आउटलेट सेपाह न्यूज़ पर जारी एक बयान में कहा कि हाइफा रिफाइनरी पर हमले के जवाब में खेइबरशेकान मिसाइलों से हमला किया गया. इस बीच, सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि राष्ट्रीय ईरानी ऑयल रिफाइनरी और वितरण कंपनी ने कहा कि शनिवार रात को अमेरिका-इजरायल के हमलों में देश का ऊर्जा ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया.
मिसाइलों की चपेट में कई तेल डिपो
कंपनी ने कहा कि तेहरान और अल्बोरज प्रांतों में कई तेल डिपो मिसाइलों की चपेट में आ गए और उनमें आग लग गई. अग्निशमन दल आग पर काबू पाने में लगे हुए हैं. शनिवार रात को तेहरान पर भारी हमले किए गए. ईरानी राजधानी के विभिन्न हिस्सों में जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं.
अमेरिका-इजरायल हमले में खामेनेई की मौत
28 फरवरी को, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने तेहरान और कई अन्य ईरानी शहरों पर संयुक्त हमले किए थे. जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के साथ-साथ उनके परिवार के कुछ सदस्यों, उच्च पदस्थ सैन्य कमांडरों और नागरिकों सहित कई अन्य लोग मारे गए. ईरान ने मध्य पूर्व में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और कई ड्रोन हमलों के माध्यम से जवाब दिया.
ईरान को तोड़ना अमेरिका और इजरायल का उद्देश्य
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने इन हमलों को लेकर शनिवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल का उद्देश्य देश को तोड़ना और विभाजित करना है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से यह स्वीकार करने की बात कही कि उन्होंने गलती की है और इजरायल से धोखा खा गए हैं.
लारीजानी ने कहा कि अमेरिकियों ने हमारे लोगों के दिलों पर गहरा घाव छोड़ा है. हम उन्हें नहीं भूलेंगे. अरबिया को दिए एक साक्षात्कार में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि वह और उनके सऊदी समकक्ष फैसल बिन फरहान अल सऊद लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं. उन्होंने आगे कहा कि सऊदी अधिकारियों ने ईरान को आश्वासन दिया है कि वे अपने क्षेत्र, हवाई क्षेत्र या जलक्षेत्र को ईरान के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देंगे.
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