ईरान में फंसे भारतीय छात्र, भारत सरकार से सुरक्षा की लगाई गुहार

Israel-Iran: ईरान और इजरायल के बीच लगातार बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच भारत में चिंता की लहर दौड़ गई है. वहां रह रहे कश्मीरी मेडिकल छात्रों में काफी दहशत फैल गई है। धमाकों की आवाजों, आसमान में फैले धुएं और हॉस्टल की खिड़कियों से दिखती आग के दृश्यों ने छात्रों की नींद और मानसिक शांति छीन ली है। ईरान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे करीब 1300 कश्मीरी छात्रों और उनके परिजनों ने भारत सरकार से तत्काल निकासी और सुरक्षा की गुहार लगाई है।

ईरान में फंसे करीब 1300 कश्मीरी छात्र

जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने जानकारी दी कि वर्तमान में ईरान में करीब 1300 कश्मीरी छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से अधिकांश मेडिकल यानी MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं. एसोसिएशन ने विदेश मंत्रालय को एक पत्र लिखकर आगाह किया कि ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने वहां मौजूद छात्रों को असुरक्षा के माहौल में धकेल दिया है.

पत्र में लिखी गई बातें

पत्र में लिखा गया, “ईरान और इजराइल के बीच शत्रुता में अभूतपूर्व वृद्धि के बाद, वर्तमान में ईरान में पढ़ रहे सैकड़ों और हज़ारों कश्मीरी छात्रों के सामने एक गंभीर स्थिति है इसमें आगे कहा गया है, “तत्काल जोखिम और बढ़ते मनोवैज्ञानिक नुकसान को देखते हुए, हम आपके सम्मानित कार्यालय से इन छात्रों की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्काल उपाय शुरू करने का आग्रह करते हैं. हम विदेश मंत्रालय से अनुरोध करते हैं कि वह ईरान में भारतीय छात्रों और तेहरान में भारतीय दूतावास के बीच समर्पित और उत्तरदायी संचार लाइनें स्थापित करे, और सत्यापित जानकारी, आपातकालीन दिशा-निर्देश और अपडेट प्रसारित करें.”

पांचवीं मंजिल से भागीं छात्राएं, रोते हुए दिखे कई छात्र

छात्रा पांचवीं मंजिल पर थीं, उन्हें यहां सुरक्षित नहीं लगा तो वह डोम से बाहर निकल आईं। डोम के बाहर और भी छात्राएं थीं। वहां का माहौल देखकर कई छात्राएं रो रहीं थीं। सुबह होते-होते दूसरी मिसाइल भी पास ही गिरी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। इस समय भी हम डोम में ही हैं। अरीब ने बताया कि उन्होंने भारतीय दूतावास को सूचना दी, लेकिन फिलहाल सिर्फ यह कहा गया कि डोम में ही रहें और दूतावास के इंस्टाग्राम पेज से निर्देश लें। अरीब फातिमा ने कहा कि भारत सरकार से गुजारिश है कि यहां फंसे भारतीय लोगों को जल्द घर पहुंचाए।

हमले के बाद डरे हुए हैं छात्र

बदरानश्रीनगर के बसपुरा की सहरीन जीलानी तेहरान मेडिकल कॉलेज में अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी। फिर उनके भाई बदरान जीलानी से बात की। बदरान ने बताया कि सुबह करीब 4:30 बजे सहरीन से बात हुई थी। सहरीन ने रोते हुए फोन किया और कहा कि किसी तरह मुझे घर बुला लो। वह अपने हॉस्टल में ही थीं। सभी विद्यार्थी कारी डरे हुए हैं और उन्हें दूतावास से गाइडलाइन का इंतजार है। बदरान ने प्रधानमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि हमारे बच्चे वहां मौत के साए में हैं। सरकार तुरंत कदम उठाए।

तीसरी छात्रा ताबिया जहरा से भी संपर्क किया गया, लेकिन वह इतनी घबराई हुई थीं कि ठीक से बात भी नहीं कर सकीं और जल्दी में फोन काट दिया। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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