Iran vs Israel-US War: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने नवरोज और ईद-उल-फितर पर मुस्लिम देशों से एकजुटता की अपील की. पेजेशकियन ने साफ कहा कि मुस्लिम देशों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना चाहिए. ईरानी राष्ट्रपति ने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट के देशों को मिलकर एक इस्लामिक असेंबली बनानी चाहिए. यह संगठन सुरक्षा, आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा. इससे क्षेत्र में स्थिरता आएगी.
इस्लामिक देश से टकराव नहीं चाहता ईरान
नवरोज और ईद-उल-फितर के मौके पर बड़ा बयान देते हुए पेजेशकियन ने कहा कि ईरान किसी भी इस्लामिक देश से टकराव नहीं चाहता. अपने संदेश में उन्होंने हालिया हमलों में मारे गए अली ख़ामेनेई और अन्य लोगों के लिए शोक व्यक्त किया और इसे शहादत बताया. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि इस क्षेत्र को बाहरी ताकतों की जरूरत नहीं है, बल्कि देश खुद मिलकर समस्याएं सुलझा सकते हैं.
अशांति और अस्थिरता का असली कारण इजराइल
पेजेशकियन ने इजराइल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में अशांति और अस्थिरता का असली कारण इजराइल है. इजराइल आतंकवाद, जनसंहार और साजिशों को बढ़ावा दे रहा है. ईरान ने इशारों में यूनाइटेड स्टेट की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए और कहा कि विदेशी शक्तियों की मौजूदगी ही तनाव बढ़ा रही हैं. क्षेत्रीय सुरक्षा का जिम्मा स्थानीय देशों को ही संभालना चाहिए.
दुश्मन ताकतें मुस्लिम देशों के बीच डाल रही हैं फूट
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि हम मुस्लिम देशों से युद्ध नहीं चाहते. सभी इस्लामिक देश हमारे भाई हैं. दुश्मन ताकतें मुस्लिम देशों के बीच फूट डाल रही हैं. ईरान, इजराइल और यूनाइटेड स्टेट के बीच चल रहा तनाव अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. पूरे वेस्ट एशिया में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और इसका असर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है.
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