Iran Petrol Price: ईरान में अमेरिका के साथ जारी जंग के बीच महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पेट्रोल की कीमत भी लोगों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई है. मौजूदा समय में ईरान में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 0.029 डॉलर बताई जा रही है, जो ईरानी करेंसी के हिसाब से करीब 58,928 रियाल बैठती है. भारतीय करेंसी में इसकी कीमत करीब 4.10 रुपये प्रति लीटर है. हालांकि, ईरानी लोगों के लिए यह कीमत काफी भारी पड़ रही है, क्योंकि वहां की मुद्रा बेहद कमजोर है.
अगर किसी व्यक्ति को अपनी गाड़ी की टंकी 40 से 50 लीटर तक भरवानी हो और उसे बिना सब्सिडी वाली कीमत चुकानी पड़े, तो खर्च लाखों रियाल तक पहुंच सकता है.
सरकार ने पेट्रोल के लिए तय कर रखा है कोटा
अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध के बीच ईरान में महंगाई 40 से 50 फीसदी के बीच बताई जा रही है. ऐसे माहौल में जरूरी चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि लोगों की आमदनी उसी अनुपात में नहीं बढ़ी है. पेट्रोल के मामले में सरकार ने लोगों को कुछ राहत देने के लिए अलग-अलग कोटा तय कर रखा है. हर महीने शुरुआती 60 लीटर पेट्रोल पर सबसे ज्यादा सब्सिडी मिलती है.
इस कोटे के तहत पेट्रोल की कीमत 15,000 रियाल प्रति लीटर है. इसके बाद दूसरा कोटा लागू होता है. पहले यह कोटा 100 लीटर का था, लेकिन अमेरिका के साथ जारी जंग के बीच इसे घटाकर 50 लीटर कर दिया गया है. इस दूसरे कोटे के पेट्रोल के लिए 30,000 रियाल प्रति लीटर चुकाने पड़ते हैं.
110 लीटर का कोटा खत्म होने के बाद क्या होगा?
पहले 60 लीटर और उसके बाद मिलने वाले 50 लीटर को मिलाकर एक नागरिक को कुल 110 लीटर का कोटा मिलता है. यह कोटा खत्म होने के बाद पेट्रोल खुले बाजार से खरीदना पड़ता है. खुले बाजार में पेट्रोल की कीमत 59,000 से 60,000 रियाल प्रति लीटर तक बताई जा रही है. यानी सब्सिडी वाले शुरुआती कोटे की तुलना में इसके लिए काफी ज्यादा रकम चुकानी पड़ती है.
पेट्रोल कोटा और घटाने की तैयारी
ईरान में पेट्रोल की स्थिति आगे और मुश्किल हो सकती है. 24 अगस्त को राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के चीफ ऑफ स्टाफ मोहसेन हाजी-मिर्जाई ने आधिकारिक बयान में कहा कि रिफाइनरियों की कमी और ईंधन घाटे के कारण पेट्रोल के मौजूदा कोटे में आगे और कटौती की जाएगी. यानी सरकार 60 लीटर वाले सबसे सस्ते पेट्रोल के कोटे को भी कम करने या उसकी कीमत बढ़ाने पर विचार कर रही है. इस संभावित बदलाव को लेकर आम ईरानियों के बीच आक्रोश भी देखने को मिल रहा है.
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