आंदोलन कुचलने के लिए खामेनेई की सेना ने बरसाईं गोलियां! तेहरान में 217 मौत

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iran Protest: ईरान में पिछले एक हफ्त से भी अधिक समय से जारी विरोध प्रदर्शन अब अपने चरम पर है. खराब अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब बेकाबू होते हुए दिखाई रहे रहे है, वो लगातार खामेनेई प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रही है. इस बीच देश में जारी सरकार विरोधी आंदोलन को लेकर हैरान कर देने वाला दावा सामने आया है.

31 प्रांतों में फैला विरोध प्रदर्शन

देश में चल रहे इन आंदोलनों के बीच एक ईरानी डॉक्टर ने दावा करते हुए कहा है कि सिर्फ तेहरान में 217 मौतें हुई हैं. दरअसल, ईरान से मिली रिपोर्टो के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन अब देश के सभी 31 प्रांतों में फैल चुका है. तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि राजधानी के सिर्फ छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें से अधिकांश की मौत गोली लगने से हुई है.

डॉक्टर का दावा- 217 प्रदर्शनकारियों की मौत

डॉक्टर का कहना है कि तेरहान में 200 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. सिर्फ छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें से अधिकतर की जान सुरक्षा बलों की तरफ से की गई गोलीबारी में गई है. फिलहाल, टाइम पत्रिका ने इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है.

देश में फोन और इंटरनेट सेवाए पूरी तरह से प्रतिबंध

वहीं, यदि ये आकड़े सही है तो ईरानी सरकार का आंदोलन को कुचलने के लिए खौफनाक चेहरा सामने आया है. इधर, देश में इंटरनेट और फोन सेवा लगभग पूरी तरह बंद कर हो चुकी है. दरअसल, इंटरनेट स्वतंत्रता पर नजर रखने वाली संस्था नेटब्लॉक्स ने शासन की तरफ से लागू किए गए इंटरनेट प्रतिबंध का दस्तावेजीकरण किया.  संस्था ने बताया कि राष्ट्रव्यापी इंटरनेट बंद किए हुए अब 24 घंटे हो चुके हैं और कनेक्टिविटी सामान्य स्तर के 1% पर स्थिर है. यह जारी डिजिटल ब्लैकआउट ईरानियों के मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है और शासन की हिंसा को छुपाता है.

विरोध प्रदर्शन के बीच खामेनेई का बड़ा बयान

इससे पहले शुक्रवार को देश में व्याप्त अशांति के बीच सर्वोच्च नेता खामेनेई ने ट्रंप को अमेरिका की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने की नसीहत दी है. उन्‍होंने कहा था कि प्रदर्शनकारी दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी देश को बर्बाद कर रहे हैं. देश विदेशियों के भाड़े के सैनिकों को बर्दाश्त नहीं करेगा. इसी के साथ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी संकेत दिया.

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