Iran Protests: ईरान में महंगाई से जुड़ा विरोध प्रदर्शन 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है. ऐसे में एक-एक कर देश के हर कोने से सरकार के खिलाफ आवाज उठ रही है, जिससे रोकने के लिए देश में इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह से बाधित कर दिया गया है. इस बीच अमेरिका की चेतावनी से तेहरान का सियासी हलका काफी नाराज है.
ईरानी संसद के अध्यक्ष ने यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी का जवाब धमकी से दिया है. कालीबाफ ने अमेरिका विरोधी नारे लगाते हुए कहा कि यदि अमेरिका इस्लामी गणराज्य पर हमला करता है तो अमेरिकी सेना और इजरायल निशाने पर होंगे.
ईरानी लोगों के साथ होगा सबसे कठोर व्यवहार
बता दें कि कालीबाफ एक कट्टरपंथी नेता हैं और पहले राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ चुके हैं. उन्होंने पुलिस और ईरान की पैरामिलिट्री रिवॉल्यूशनरी गार्ड को प्रदर्शनों के दौरान दृढ़ रहने के लिए सराहा. कालीबाफ ने कहा, ‘ईरान के लोगों को पता होना चाहिए कि हम उनके साथ सबसे कठोर तरीके से निपटेंगे और गिरफ्तार लोगों को सजा देंगे.’
कालीबाफ ने इजरायल को भी दी धमकी
उन्होंने इजरायल को कब्जे वाला क्षेत्र कहते हुए सीधे धमकी दी. उन्होंने कहा, ‘ईरान पर हमले की स्थिति में कब्जे वाला क्षेत्र और क्षेत्र में सभी अमेरिकी सैन्य केंद्र, अड्डे और जहाज हमारे वैध निशाने होंगे. इजरायली मीडिया के मुताबिक, ईरान में चल रहे सरकार-विरोधी आंदोलन में यूएस के दखल की संभावना को देखते हुए इजरायल हाई अलर्ट पर है. वहीं, इंटरनेट पाबंदी की मियाद भी बढ़ गई है.
इंटरनेट मॉनिटर नेटब्लॉक्स का कहना है कि ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान देश भर में इंटरनेट बंद किया गया था, जो अब 60 घंटे से ज्यादा हो गया है. मीडिया के अनुसार, विरोध प्रदर्शन बेहद हिंसक हो गया है. प्रदर्शनकारी शनिवार रात को ईरान के फार्स प्रांत के ममासानी काउंटी में न्यायपालिका परिसर में घुस गए और एक गार्ड पोस्ट में आग लगा दी, जो सिक्योरिटी फोर्स के आने और भीड़ को हटाने से पहले ग्राउंड फ्लोर से पहली मंजिल तक फैल गई थी.
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