New Delhi: ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की बातचीत अगले सप्ताह अब स्विट्जरलैंड में होगी. तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देश अपनी राय रखेंगे. स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी. हालांकि स्विट्जरलैंड ने अभी तक दूसरे दौर की सटीक तारीखों की घोषणा नहीं की है.
जेरेड और विटकॉफ हो सकते हैं शामिल
स्विस विदेश मंत्रालय के अनुसार इस वार्ता का आयोजन जिनेवा में किया जाएगा. इस वार्ता में अमेरिका की ओर से वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हो सकते हैं, जबकि ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघची द्वारा किया जा सकता है. इससे पहले छह फरवरी को ओमान ने दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता के पहले दौर की मेजबानी की थी.
परिणाम बेहद गंभीर और दर्दनाक
पहले दौर की बातचीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो इसके परिणाम बेहद गंभीर और दर्दनाक होंगे. ट्रंप पहले भी कई बार यह संकेत दे चुके हैं कि यदि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने पर सहमत नहीं हुआ तो अमेरिका बल प्रयोग से पीछे नहीं हटेगा.
सैन्य कार्रवाई का दिया जाएगा जवाब
ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. तेहरान ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा. हाल के हफ्तों में ईरान में हुए प्रदर्शनों पर की गई सख्त कार्रवाई को लेकर भी ट्रंप प्रशासन ने तेहरान को चेतावनी दी थी.
पूरे क्षेत्र में फैल सकता है टकराव
इस बीच खाड़ी के कई अरब देशों ने आगाह किया है कि यदि अमेरिका या उसके सहयोगियों द्वारा ईरान पर हमला किया गया तो यह टकराव पूरे क्षेत्र में फैल सकता है और एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है. ऐसे माहौल में जिनेवा में प्रस्तावित वार्ता को बेहद अहम माना जा रहा है.
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