Iran US Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक अहम कूटनीतिक मोड़ सामने आया है. ईरान ने बुधवार को संकेत दिया कि वह अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने को तैयार है, बशर्ते उसके खिलाफ होने वाले हमले बंद कर दिए जाएं. इसके साथ ही ईरान ने रणनीतिक रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दो हफ्तों के लिए अस्थायी रूप से खोलने का भी ऐलान किया है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने पर सहमत हुआ ईरान
ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने एक बयान में कहा कि यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब युद्धविराम को लेकर बातचीत जारी है और हालात में नरमी के संकेत मिल रहे हैं. उन्होंने बताया कि दो सप्ताह की इस अवधि में जहाजों को सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन इसके लिए ईरान के अधिकारियों के साथ समन्वय और तय शर्तों का पालन करना जरूरी होगा.
अमेरिका ने मानी शर्तें Iran US Ceasefire
अराघची ने इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि अमेरिका की ओर से 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर बातचीत की मांग और अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव को बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार करने की घोषणा के बाद यह कदम उठाया गया है. उन्होंने साफ किया कि ईरान का रुख पूरी तरह शर्तों पर आधारित है और यह दूसरे पक्ष की कार्रवाई पर निर्भर करेगा. उन्होंने कहा, “अगर ईरान पर हमले बंद होते हैं, तो हमारी सशस्त्र सेनाएं भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोक देंगी. दो हफ्तों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही संभव होगी, लेकिन इसके लिए हमारी सेनाओं के साथ समन्वय और तकनीकी सीमाओं का ध्यान रखना होगा.”
ट्रंप ने इसे ‘दोतरफा युद्धविराम’ बताया
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने भी बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को दो हफ्तों के लिए टालने पर सहमति दे दी है. उन्होंने कहा, “अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत होता है, तो हम भी दो हफ्तों तक हमले रोकेंगे.” ट्रंप ने इसे ‘दोतरफा युद्धविराम’ बताया.
दो हफ्तों में समझौता अंतिम रूप ले सकता है
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्य हासिल कर चुकी है और अब दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान का 10 सूत्रीय प्रस्ताव बातचीत के लिए एक मजबूत आधार है और अधिकांश विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है. उन्होंने भरोसा जताया कि दो हफ्तों में समझौता अंतिम रूप ले सकता है. ट्रंप ने इसे मध्य पूर्व में स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि यह लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान के करीब पहुंचने का मौका है.