‘यह वॉशिंगटन की बौखलाहट है’, अमेरिकी राष्ट्रपति की परमाणु ठिकानों पर हमले की धमकियों पर ईरान का पलटवार

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Tehran: ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति की परमाणु ठिकानों पर हमले की धमकियों को वॉशिंगटन की बौखलाहट बताया है. यानी समुद्र से लेकर आसमान और परमाणु कार्यक्रम तक, ईरान-अमेरिका के बीच तनाव कई मोर्चों पर बढ़ता दिख रहा है. समुद्री और हवाई मोर्चे पर तनाव के बीच ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने अमेरिका पर निशाना साधा है. रूस टुडे को दिए इंटरव्यू में इस्लामी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से बार-बार कुह-ए-कोलांग यानी पिकैक्स माउंटेन पर हमले की धमकी देना वॉशिंगटन की बौखलाहट दिखाता है.

अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाने की बात

उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले भी ईरान के अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाने की बात करता रहा है. इस्लामी के मुताबिक, ऐसी धमकियां ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की बेचैनी का संकेत हैं. इस्लामी ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रोसी की भी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रोसी ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी उसके विरोधियों तक पहुंचा रहे हैं और उनके हितों के लिए काम कर रहे हैं. इस्लामी ने इसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को मिली शक्तियों का गलत इस्तेमाल बताया.

संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित

उनका कहना था कि इस तरह की गतिविधियों से इन संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) की व्यवस्था की कमजोरियों का भी जिक्र किया. इसी बीच ईरान ने अमेरिका को लेकर अपने तेवर और सख्त कर दिए हैं. एक तरफ ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने केशम द्वीप के ऊपर एक और अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराया है. ईरान के मुताबिक, यह इस तरह का 16वां ड्रोन है, जिसे उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने निशाना बनाया है.

समुद्री रास्ते की सुरक्षा पर सवाल

दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमलों और आग लगने की घटनाओं ने समुद्री रास्ते की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, IRGC ने शुक्रवार को बताया कि उसके नए एयर डिफेंस सिस्टम ने केशम द्वीप के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी MQ-1 टोही और लड़ाकू ड्रोन को मार गिराया. IRGC ने बयान जारी कर कहा कि उसकी सेनाएं दुश्मन की हवाई गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं. खुफिया जानकारी और निगरानी के आधार पर अमेरिकी ड्रोन की पहचान की गई और उसे निशाना बनाया गया.

तीन अमेरिकी ड्रोन के खिलाफ कार्रवाई

ईरान का दावा है कि यह 16वां MQ-1 ड्रोन है, जिसे उसकी सेना ने नष्ट किया है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है. इससे पहले मंगलवार को भी IRGC ने तीन अमेरिकी ड्रोन के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी. उसके मुताबिक, दो MQM-170 आउटलॉ ड्रोन को केशम द्वीप के ऊपर रोका गया, जबकि एक MQ-9 रीपर ड्रोन को होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में मार गिराया गया.

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