Iran Israel War News: ईरान में अमेरिका-इजरायल के हमले जारी, 202 बच्चों और 223 महिलाओं की मौत

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iran Israel War News: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है. दोनों पक्षों के हमलों में आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. ईरान की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक इन हमलों में बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं भी मारे गए हैं.

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अमेरिका और इजरायल के हमलों में अब तक कम से कम 202 बच्चों और 223 महिलाओं की मौत हो चुकी है. मरने वालों में तीन गर्भवती महिलाएं भी शामिल बताई गई हैं.

छोटे बच्चों की भी गई जान

फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक मारे गए बच्चों में से 12 की उम्र पांच साल से भी कम थी. इन आंकड़ों ने संघर्ष की भयावहता को और स्पष्ट कर दिया है, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में मासूम नागरिक भी प्रभावित हुए हैं.

इजरायल में भी कई लोग घायल

वहीं इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार ईरान के साथ जारी संघर्ष में कई लोग घायल हुए हैं. टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 108 घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इजरायली स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि 28 फरवरी से रविवार सुबह तक कुल 3,195 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 81 लोग अभी भी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं.

ईरान ने आम नागरिकों को निशाना बनाने से किया इनकार

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान ने मिडिल ईस्ट में किसी भी नागरिक या रिहायशी इलाके को निशाना नहीं बनाया है. उन्होंने कहा कि तेहरान अपने पड़ोसी देशों के साथ मिलकर एक संयुक्त समिति बनाने के लिए तैयार है, जो यह जांच करेगी कि ऐसे हमलों के लिए कौन जिम्मेदार है.

खाड़ी देशों से बातचीत जारी

अराघची ने एक इंटरव्यू में बताया कि ईरान खाड़ी देशों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है और ऐसी किसी भी पहल का स्वागत करेगा, जो क्षेत्र में जारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में मददगार साबित हो.

खाड़ी देशों की चिंता

दूसरी ओर खाड़ी देशों ने ईरान से अपने इलाकों पर हमले बंद करने की अपील की है. उनका कहना है कि इन हमलों से सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान हुआ है, बल्कि ऊर्जा सुविधाओं और रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष जल्द नहीं रुका तो इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.

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