New Delhi: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर भारत के पूर्व राजनयिक विद्या भूषण सोनी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि है, जिसकी अपनी लंबी सभ्यता, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान है. ऐसे में वह अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं करेगा. ऐसी स्थिति में अमेरिका अपनी शर्तें थोप नहीं सकता. अमेरिकी राष्ट्रपति के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनी ने कहा कि ट्रंप के बयान विरोधाभासी दिखाई देते हैं.
थोपी गई शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा ईरान
उन्होंने कहा कि एक तरफ अमेरिका ईरान को बातचीत के लिए बुला रहा है, जबकि दूसरी तरफ धमकी भी दे रहा है कि अगर वह नहीं माना तो उसे तबाह कर दिया जाएगा. ईरान अमेरिका द्वारा थोपी गई शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा और वह अपनी शर्तों पर ही वार्ता की मेज पर आएगा. सोनी के अनुसार, अभी दोनों पक्ष बातचीत शुरू होने से पहले अपनी-अपनी शुरुआती स्थिति सार्वजनिक रूप से रख रहे हैं.
न्यूनतम बिंदु तय करेंगे दोनों पक्ष
इसे उन्होंने negotiating strategy बताया. उन्होंने कहा कि असली बातचीत तब शुरू होगी जब दोनों पक्ष एक common denominator यानी ऐसा न्यूनतम बिंदु तय करेंगे, जिसे दोनों स्वीकार कर सकें. पूर्व राजनयिक ने यह भी कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय वार्ता में give and take दोनों तरफ से होता है. केवल एक पक्ष की शर्तों पर समझौता संभव नहीं होता. उनके मुताबिक, अभी अमेरिका और ईरान दोनों अपनी पहली स्थिति सामने रख रहे हैं.
किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा ईरान
इसके बाद दोनों पक्ष आंतरिक स्तर पर विचार-विमर्श करेंगे. तय करेंगे कि वे कहां तक रियायत दे सकते हैं. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जोर देकर कहा कि ईरान अपने गर्व, राष्ट्रीय सम्मान और संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा.
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