अमेरिकी चुनाव के तुरंत बाद खुल जाएगा होर्मुज! क्या ईरान के साथ हुई है कोई डील?

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Iran-US War: ईरान के युद्ध में करीब पूरी दुनिया ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रही है. भले ही कई देशों की सेनाएं युद्ध नहीं लड़ रही है, लेकिन तेल-गैस के दामों ने हर देश को रुला रखा है. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जंग को लेकर बड़ी खुशखबरी दी है. दरअसल, ट्रंप ने कहा है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद ईरान के साथ युद्ध खत्म हो जाएगा. क्योंकि ईरान अब अधिक समय तक इस संघर्ष को जारी रखने की स्थिति में नहीं है.
ट्रंप ने रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन के लिए डलास रवाना होने के दौरान ये बात कही. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि चुनाव के तुरंत बाद युद्ध समाप्त हो जाएगा. ईरान अब और ज्यादा दबाव नहीं झेल सकता और वो इस युद्ध को खत्म करने पर मान जाएगा. बता दें कि अमेरिका की तरफ से अब ईरान पर सैन्य दबाव के साथ-साथ आर्थिक नाकेबंदी भी की जा रही है, ताकि ईरान को युद्ध लड़ने के लिए पर्याप्त पैसा न मिल पाए.

ईरान पर चुनाव में दखल देने का आरोप

इसके अलावा, ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी मिडटर्म चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया. उनके मुताबिक, ईरान ऐसे नेताओं को चुनाव जिताना चाहता है जो उसके खिलाफ कड़ा रुख न अपनाएं. तेहरान एक ऐसी कमजोर टीम चाहता है, जो ईरान को अकेला छोड़ दे, जिससे उसे परमाणु हथियार विकसित करने का मौका मिल सके. हालांकि डोनाल्ड ट्रंप के इन आरोपों पर ईरान की ओर से कोई तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
दरअसल, ट्रंप के बयान के बीच ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज के आसपास अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं. दुनिया के तेल और गैस व्यापार के लिए बेहद अहम इस समुद्री मार्ग को लेकर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने इस रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे दो अमेरिकी जहाजों, आठ तेल टैंकरों और 10 अन्य जहाजों पर हमला किया.
वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी कहा कि खाड़ी और ओमान की खाड़ी में कई जहाजों पर नुकसान पहुंचाने वाली गोलीबारी हुई है. युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ा है. कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है. ब्रेंट क्रूड की कीमत जुलाई के बाद पहली बार इस स्तर पर पहुंची है.
Latest News

भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को मिलेगी नई उड़ान, 2033 तक 44 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य

India Space Economy: भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र अब केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था,...

More Articles Like This

Exit mobile version