ईरान की US को कड़ी चेतावनी, जमीनी हमले की स्थिति में दी जवाबी कार्रवाई की धमकी

Divya Rai
Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Divya Rai
Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iran US War: ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका जमीनी हमला करता है, तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा. यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान के यूरेनियम पर कब्जा करने के लिए एक जोखिम भरे सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं और क्षेत्रीय ताकतें संघर्ष को रोकने के लिए बातचीत पर जोर दे रही हैं.

हालात और बिगड़ने के संकेत मिल रहे

यह ऐसा समय है जब हालात और बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिका की 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट पहले ही मध्य पूर्व पहुंच चुकी है. साथ ही, अमेरिकी सेना जमीन पर सैनिक उतारने के विकल्प तैयार कर रही है, जो कुछ दिनों या उससे अधिक समय तक चल सकता है. इस पूरे मामले के केंद्र में एक योजना है, जिसमें ईरान से करीब 1,000 पाउंड यूरेनियम निकालने पर विचार किया जा रहा है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह काम बेहद जटिल और खतरनाक है. अधिकारियों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया, “ट्रंप ने अभी यह फैसला नहीं किया है कि आदेश देना है या नहीं. वह यह सोच रहे हैं कि अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा और ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के बीच कैसे संतुलन बनाया जाए.

विशेष बलों के सैनिक शामिल हो सकते हैं Iran US War

अगर इस ऑपरेशन को मंजूरी मिलती है, तो इसमें विशेष बलों के सैनिक शामिल हो सकते हैं, जो ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच परमाणु ठिकानों को सुरक्षित करेंगे और रेडियोधर्मी सामग्री को युद्ध क्षेत्र से बाहर निकालेंगे. विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई छोटा या जल्दी खत्म होने वाला ऑपरेशन नहीं होगा. इसके साथ ही, पेंटागन एक बड़े जमीनी अभियान की भी तैयारी कर रहा है, जो कई हफ्तों तक चल सकता है. ऐसी किसी भी कार्रवाई में अमेरिकी सैनिकों को ड्रोन, मिसाइल और विस्फोटकों जैसे कई खतरों का सामना करना पड़ सकता है.

पेंटागन क्षेत्र में 10,000 और जमीनी सैनिक तैनात करने की योजना

अमेरिकी अधिकारी अतिरिक्त सैनिक भेजने पर भी विचार कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन क्षेत्र में 10,000 और जमीनी सैनिक तैनात करने की योजना बना रहा है, ताकि ऑपरेशन को अधिक लचीला बनाया जा सके. हालांकि सैन्य तैयारी तेज हो रही है, लेकिन कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं. पाकिस्तान ने सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की मेजबानी की, जिसका उद्देश्य संघर्ष को रोकना और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना है.

तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई

लेकिन अभी तक न तो अमेरिका और न ही ईरान इन बातचीत में शामिल हुए हैं. फिलहाल जल्द समाधान के संकेत भी नहीं दिख रहे हैं. इस युद्ध के कारण तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं. खासकर होर्मुज स्ट्रेट के जरिए सप्लाई बाधित होने की आशंका से वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई है.

ये भी पढ़ें- ईंधन संकट से जूझ रहे श्रीलंका की पुकार पर भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, राष्ट्रपति दिसानायके ने जताया आभार

Latest News

युद्ध नहीं अब महायुद्ध की तैयारी, ईरान में घुसकर 400 किलो यूरेनियम छीनने का प्लान बना रहे ट्रंप

West Asia : पश्चिमी एशिया में लंबे समय से छिड़ी जंग को 31 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी...

More Articles Like This