‘असली खर्च इससे कहीं ज्यादा होगा!’ ईरानी विदेश मंत्री ने US के युद्ध खर्च को लेकर ट्रंप का उड़ाया मजाक

US Iran War Expense: मिडिल ईस्ट में संघर्ष के बीच ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने अमेरिका के युद्ध खर्च को लेकर तीखा तंज कसा है. अराघची ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप सरकार की ओर से मांगे गए 200 अरब डॉलर सिर्फ शुरुआत है और यह ‘इजरायल फर्स्ट टैक्स’ का पहला हिस्सा है, जो अमेरिकी जनता को चुकाना पड़ेगा. अराघची ने इस बयान के जरिये ट्रंप का मजाक उड़ाया है और उनके चार हफ्ते वाले दावे को लेकर भी चुटकी ली है.

इससे कहीं ज्यादा होगा असली खर्च

अराघची ने आरोप लगाया कि बेंजामिन नेतन्याहू और ट्रंप ने यह युद्ध केवल ईरान ही नहीं, बल्कि अमेरिकी लोगों पर भी थोप दिया है. उन्होंने कहा कि असली खर्च इससे कहीं ज्यादा होगा. अराघची ने कहा की तीन हफ्तों का ये युद्ध तो सिर्फ आइसबर्ग का सिर्फ ऊपरी हिस्सा ही है. इसके बाद जो कुछ होगा वो अमेरिका के लोगों को झल्ला देगा.

बिना कांग्रेस की मंजूरी के ही शुरू कर दिया था युद्ध

अराघची ने अमेरिका के अंदर युद्ध को लेकर चल रही बहस पर भी कमेंट किया है क्योंकि ट्रंप ने युद्ध बिना कांग्रेस की मंजूरी के ही शुरू कर दिया था. अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर से ज्यादा की मंजूरी मांगी है, जबकि अब तक करीब 30 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं. यह राशि युद्ध की लागत, हथियारों के भंडार को फिर से भरने और सैन्य अभियान की जरूरतों को पूरा करने के लिए मांगी गई है, जिस पर कांग्रेस में चर्चा चल रही है.

अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर भी युद्ध का असर

यह 200 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त अनुरोध अमेरिका के पहले से ही ऊंचे, लगभग 900 अरब डॉलर से अधिक वार्षिक रक्षा बजट के ऊपर है. इस युद्ध का असर अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर भी दिख रहा है. पेट्रोल की कीमतें 30 साल के दूसरे सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं और $2.9 प्रति गैलन से बढ़कर $3.8 हो गई हैं. आर्थिक वृद्धि घटकर 0.7% रह गई है, बेरोजगारी बढ़ी है और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हजारों नौकरियां गई हैं.

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