‘नए टैरिफ लागू, प्रदर्शनकारियों का समर्थन.., ट्रंप ने रद्द किया ईरान के साथ बैठक

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Iran Violent Protests: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है, ईरान से जुड़े कारोबार पर नए टैरिफ लागू कर दिए हैं और ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों से आंदोलन जारी रखने की अपील की है.

ट्रंप का कहना है कि यह फैसला ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रही हिंसा के कारण लिया गया है. डेट्रॉइट इकोनॉमिक क्लब में अपने भाषण में ट्रंप ने कहा, “जब तक प्रदर्शनकारियों की बेमतलब हत्याएं बंद नहीं होतीं, मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं.”

ईरान में जो हो रहा वो अस्‍वीकार्य

उन्होंने कहा कि ईरान में जो हो रहा है, वह अस्वीकार्य है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा. ट्रंप ने ‘ईरानी देशभक्तों’ को संबोधित करते हुए उनसे आंदोलन जारी रखने को कहा. उन्‍होंने कहा कि “सभी ईरानी देशभक्तों से मेरी अपील है कि प्रदर्शन करते रहिए. अगर संभव हो तो अपनी संस्थाओं पर नियंत्रण हासिल कीजिए.”

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने स्‍पष्‍ट शब्दों में चेतावनी दी कि दोषियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. वहीं, ईरान में हुई मौतों के आंकड़ों पर ट्रंप ने कहा कि अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं. मुझे पांच तरह के आंकड़े सुनने को मिल रहे हैं, लेकिन एक मौत भी बहुत ज्यादा है. जवाबदेही तय होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

ट्रंप का तत्‍काल प्रभाव ईरान पर लागू

वहीं, आर्थिक मोर्चे पर ट्रंप ने कहा कि ईरान पर नया दबाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. उन्होंने कहा कि, “आपने देखा कि मैंने ईरान के साथ कारोबार करने वाले हर व्यक्ति और देश पर टैरिफ लगा दिए हैं. यह आज से लागू हो गया है.” ट्रंप ने टैरिफ को अपनी विदेश नीति का मुख्य हथियार बताया और कहा कि इसका मकसद ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करना है.

ट्रंप ने की ईरान की ओलोचना

अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने ‘मेक ईरान ग्रेट अगेन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ईरान के मौजूदा नेतृत्व की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ईरान एक महान देश है, लेकिन मौजूदा शासकों ने उसे नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि बाहरी दबाव से ईरान में बदलाव आएगा और कहा, “मैं बस इतना कहता हूं कि मदद रास्ते में है.”

अमेरिका का विरोध करने वालेदेशों पर लागू होगा टैरिफ

ट्रंप ने टैरिफ को लंबी सैन्य कार्रवाई का बेहतर विकल्प बताया. उनके मुताबिक, व्यापारिक दबाव से पहले भी कई मामलों में नतीजे मिले हैं. उन्होंने ईरान को अन्य विदेशी नीति कार्रवाइयों के साथ जोड़ते हुए परमाणु ठिकानों पर हमलों और आतंकी नेताओं के खिलाफ अभियानों का जिक्र किया. ट्रंप ने यह भी कहा कि जो देश अमेरिका की व्यापार और सुरक्षा संबंधी मांगों का विरोध करते हैं, उन पर भी टैरिफ लगाए जाते हैं. ट्रंप के अनुसार, टैरिफ कूटनीति से ज्यादा असरदार दबाव बनाते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी हैं.

अमेरिका-ईरान के बीच दशको से कोई संबंध नहीं

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं. ईरान का परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और मानवाधिकार रिकॉर्ड लंबे समय से तनाव की वजह रहे हैं. अमेरिका पहले भी प्रतिबंधों, टैरिफ और द्वितीयक प्रतिबंधों के जरिए ईरान पर दबाव बनाता रहा है ताकि सीधे सैन्य टकराव से बचते हुए अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत रखी जा सके.

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