Iran Violent Protests : ईरान में सरकार के विरोधी प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है. वर्तमान में ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने सरकार की सख्ती का विरोध किया है. बता दें कि ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए पूरे देश में इंटरनेट बंद कर दिया है, टेलीफोन की लाइनों काट दिया है यहां तक कि सैटेलाइट सिग्नल जाम करने की कोशिश की है.
इसके साथ ही सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर रजा पहलवी ने पोस्ट के दौरान लिखा कि लाखों ईरानी लोगों ने अपनी आजादी की मांग की, लेकिन शासन ने इसके जवाब में सभी संचार माध्यमों को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया. इसके साथ ही उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने शासन को जवाबदेह ठहराने का वादा दोहराया है. साथ ही हालात को देखते हुए यूरोपीय नेताओं से अपील की है कि वो ट्रंप के कदम पर चलें, चुप्पी तोड़ें और ईरानी लोगों का मजबूती से समर्थन करें.
‘मेरे देशवासियों की आवाज को दबने ना दें’- पहलवी
इस मामले को लेकर पहलवी ने कहा कि “मैं आजाद दुनिया के नेता, राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद देता हूं. इसके साथ ही अन्य नेताओं, विशेष रूप से यूरोपीय नेताओं, का समय आ गया है कि वो भी निर्णायक कदम उठाएं. ईरानी लोगों तक संचार बहाल करने के लिए सभी तकनीकी, वित्तीय और राजनयिक संसाधनों का इस्तेमाल करें. मेरे बहादुर देशवासियों की आवाज को दबने ना दें.”
इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं स्थगित
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार रात तेहरान में हजारों लोग सड़कों पर उतरे. प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदर्शन शुरू होते ही इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं पूर्ण रूप से स्थगित कर दी गई है. बता दें कि बड़े पैमाने पर विरोध रजा पहलवी की अपील के बाद भड़के, जिन्होंने लोगों से रात 8 बजे सड़कों या घरों से नारे लगाने का आह्वान किया था.
परमाणु कार्यक्रम पर वास्तविक बातचीत
इस मामले को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका उन सभी के साथ खड़ा है जो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं. बता दें कि उन्होंने ईरानी सरकार से परमाणु कार्यक्रम पर वास्तविक बातचीत की अपील की.
कई प्रांतों में झड़पों में बदले प्रदर्शन हिंसक
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में ईरानी विरोध प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, आर्थिक संकट और दबाव के खिलाफ हो रहे हैं. यहां तक की कई प्रांतों में प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदल गए, इतना ही नही बल्कि इसमें दर्जनों लोगों की मौत और हजारों की गिरफ्तारी हुई है. बता दें कि यह विरोध पिछले 13 दिनों से जारी हैं और अब पूरे देश में फैल चुके हैं. इसके साथ ही यहां लोग शासन के खिलाफ “डेथ टू द डिक्टेटर” जैसे नारे लगा रहे हैं.
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