US-Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच इजरायल ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से अपने देश को खतरा बताया है. इजरायली मीडिया का कहना है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को संभावित टार्गेट के रूप में देखा जा रहा है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि ईरान में जो भी नया नेता बनेगा और अगर वह इजरायल के खिलाफ नीतियां जारी रखता है तो उसे खत्म करने का लक्ष्य बनाया जा सकता है.
हिजबुल्लाह के साथ मिलकर बड़ा हमला
उन्होंने कहा कि ऐसे नेता को कहीं भी छिपा होने पर भी निशाना बनाया जा सकता है. इजरायली सेना ने यह भी कहा है कि वह ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के चयन से जुड़े लोगों का भी पीछा कर सकती है. वहीं दूसरी ओर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने लेबनान के हिजबुल्लाह के साथ मिलकर इजरायल के खिलाफ एक बड़ा संयुक्त हमला किया.
50 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना
इस हमले में लगभग पांच घंटे तक लगातार मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन से हमला किया गया और इजरायल के अलग-अलग हिस्सों में 50 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया. IRGC के मुताबिक इस ऑपरेशन में बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जबकि हिजबुल्लाह ने बड़े पैमाने पर अटैक ड्रोन और रॉकेट दागे. बयान में कहा गया कि यह हमला उत्तरी शहर हाइफा से लेकर तेल अवीव और दक्षिण के बेर्शेबा तक कई सैन्य ठिकानों पर किया गया.
‘कोऑर्डिनेटेड मिसाइल अटैक’
इजरायल की सेना ने भी पुष्टि की कि ईरान और हिजबुल्लाह ने ‘कोऑर्डिनेटेड मिसाइल अटैक’ किया, जिसका मुख्य निशाना मध्य इजरायल था. मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिख रहा है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने की मंजूरी दे दी है. अमेरिकी ऊर्जा विभाग के मुताबिक यह प्रक्रिया अगले हफ्ते से शुरू होगी और लगभग 120 दिनों में पूरा तेल बाजार में पहुंचाया जाएगा.
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